
Jitu Patwari raises questions regarding wheat procurement via a tweet.
MP Congress- एमपी में गेहूं खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस मुखर है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एआइसीसी के सचिव कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' बता रही है, लेकिन किसानों के लिए वास्तव में यह 'किसान परेशान वर्ष' बन चुका है। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गेहूं बेचने वाले किसानों को उनके हक के पैसे के लिए दफ़्तरों में भटकाया जा रहा है। पहले फसल तुलवा ली जाती है और बाद में कागजी बहानों के जरिए भुगतान रोका जाता है, जो पूरी तरह से किसान विरोधी व्यवस्था को दर्शाता है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सेवादल ने आज 24 घंटे का सत्याग्रह भी शुरु किया है। इधर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं का गेहूं बिना स्लॉट बुकिंग के खरीदा जा रहा है जबकि आम किसान परेशान हो रहा है।
एआईसीसी के सचिव कुणाल चौधरी ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय भोपाल में पत्रकार वार्ता बुलाई। यहां उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नए-नए नियम लागू कर किसानों को परेशान कर रही है। कभी पंजीयन, सैटेलाइट सत्यापन, तो कभी अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। कुणाल चौधरी ने कहा कि हरदा में कागजों पर केवल 577 क्विंटल खरीदी दर्ज है, जबकि मौके पर 3007 क्विंटल अधिक गेहूं पाया गया। राजगढ़ के जीरापुर में स्लॉट बुकिंग और तुलाई के बाद भी राशि भुगतान नहीं होने की जानकारी दी।
मप्र कांग्रेस सेवादल द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को 24 घंटे का सत्याग्रह एवं उपवास आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भोपाल के जवाहर भवन में 23 अप्रेल को मध्यान्ह करीब 12 बजे शुरु होकर 24 अप्रेल को मध्यान्ह 12 बजे तक चलेगा। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश मुख्य संगठक अवनीश भार्गव ने बताया कि इस सत्याग्रह का उद्देश्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं जैसे समर्थन मूल्य, फसल खरीदी में अनियमितता, भुगतान में देरी एवं प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ आवाज बुलंद करना है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रदेश के किसानों की परेशानी पर आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं का गेहूं बिना स्लॉट बुकिंग के खरीदा जा रहा है वहीं आम किसान भीषण गर्मी में लंबी लाइन में खड़ा परेशान हो रहा है। जीतू पटवारी ने अपने एक्स हेंडल पर लिखा कि आम किसान जहां स्लॉट बुक न होने के कारण 2700 रुपए का गेहूं 2000 से 2100 रुपए में बेचने को मजबूर है, वहीं भाजपा नेताओं के 84 लाख रुपए के 3200 क्विंटल गेहूं बिना स्लॉट बुकिंग के खरीदे जा रहे हैं।
Updated on:
23 Apr 2026 12:49 pm
Published on:
23 Apr 2026 12:44 pm
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