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सिंधिया का एक और झटका, कमलनाथ से भी बनाई दूरी, सरकारी बैठकों में शामिल होने से इंकार ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया आज ( 30 नवंबर ) को एक दिवसीय ग्वालियर दौरे पर आ रहे हैं।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Nov 30, 2019

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भोपाल. मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ज्योतिरादित्य सिंधिया आज ( 30 नवंबर ) को एक दिवसीय ग्वालियर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकारी बैठकों से दूरी बना ली है। वहीं, मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ भी आज ग्वालियर दौरे पर हैं लेकिन दोनों नेताओं के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी। जब मुख्यमंत्री कमलनाथ गिवालियर पहुंचेंगे इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में रहेंगे लेकिन दोनों के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी। वहीं, दोनों नेता आज मुरैना में एक शादी समारोह में शिरकत करने जाएंगे लेकिन दोनों के पहुंचने का समय अलग-अलग है।


सरकारी बैठकों से भी दूरी
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बार विभागीय बैठकों से भी दूरी बना ली है। ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया कई बैठकों में शामिल होंगे लेकिन सरकारी बैठकों में हिस्सा नहीं लेगें। सिंधिया ग्वालियर पहुंचने के बाद एमआईटीएम में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके साथ ही वो कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे लेकिन किसी भी तरह की विभागीय बैठक में शामिल नहीं होंगे। इसके बाद सिंधिया मुरैना के लिए रवाना होंगे और मुरैना से ही शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

भाजपा ने जताई थी आपत्ति
हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे थे। इसके बाद सिंधिया ने यहां अधिकारियों के साथ बैठक की थी इस बैठक में सिंधिया के साथ-साथ प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक भी शामिल थे। इस बैठक की फोटो वायरल होने के बाद भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि आखिर ज्योतिरादित्य सिंधिया किस अधिकार से नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। बता दें कि सिंधिया इस बार अपना लोकसभा चुनाव हार गए हैं और उनके पास फिलाहल कोई पद नहीं है।

कमलनाथ से दूरी?
ज्योतिरादित्य सिंधिया हाल के दिनों में मुख्यमंत्री कमलनाथ को कई लेटर लिखे हैं। ये लेटर ग्वालियर-चंबल संभाग के विकास से जुड़े हुए हैं। वहीं, उन्होंने ग्वालियर मेले को लेकर भी एक लेटर लिखा है। सिंधिया ने सारे लेटरों को सोशल मीडिया एकाउंट में शेयर किया है लेकिन सीएम कमलनाथ के द्वारा किसी भी लेटर का जवाब सोशल मीडिया में नहीं दिया गया है।

सिंधिया खुलकर बात करें?
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और हरदा से सांसद असलम शेर खान ने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को खुलकर बात करनी चाहिए। उनकी सबसे बड़ी ताकत है कि उनके समर्थन में 20 से 25 विधायक हैं। उनके पास 5 से 7 ऐसे मंत्री हैं जो उनके कहने पर कुएं में भी कूद जाएंगे। असलम शेर खान ने कहा अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में बैठ जाएं तो ये मध्य प्रदेश का सौभाग्य होगा। एक बड़ी लीडरशिप के दरवाजे भोपाल में खुल जाएंगे।