
shiv tandav stotram
भोपाल। दो साल पहले भोजपुर के शिव मंदिर में 'शिव तांडव' (shiv tandav stotram) गाकर दुनियाभर में धूम मचाने वाले कालीचरण महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महात्मा गांधी के खिलाफ टिप्पणी करने पर रायपुर जेल से छूटकर वे सीधे इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं है, वहीं उन्होंने अपने स्वागत जुलूस में तलवार भी लहराई।
कालीचरण महाराज का वीडियो सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने देखा था। वे सावन माह में शिव भगवान की पूजा करते हुए नजर आए थे। यह वीडियो 9 जुलाई 2020 को उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उन्होंने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि "ॐ काली पूज्य महाराज साहब के मुखारविंद से शिव तांडव स्त्रोतम भोजपुर स्थित प्राचीन भोजेश्वर शिव मंदिर में..."
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देखें शिव तांडव स्त्रोत का वो वीडियो जो कालीचरण महाराज ने गाया था
कौन है कालीचरण महाराज
कालीचरण महाराज का जन्म 1973 में महाराष्ट्र के अकोला जिले के शिवाजी नगर में हुआ था। कालीचरण महाराज शिवाजी नगर, अकोला, महाराष्ट्र के एक प्रसिद्ध संत, धार्मिक उपदेशक हैं। कालीचरण एक बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे और उनके परिवार को तीन वक्त का खाना इकट्ठा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वह भगवान और देवी के लिए अपने भक्ति भाषणों के लिए देश में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपने भाषणों के कई वीडियो भी शेयर किए हैं। उनके पिता का नाम धनंजय सारंग और उनकी माता का नाम सुनीता देवी है। उनकी मां गृहिणी थी जिनका निधन हो गया है।
इंदौर पहुंचकर फिर चर्चाओं में
महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज जमानत से छूटकर इंदौर पहुंचे थे। उन्होंने यहां एक जुलूस के दौरान खुलेआम अपनी गाड़ी पर खड़े होकर तलवार लहराई। कांग्रेस ने इस घटना पर एफआइआर की मांग की है, वहीं कहा है कि इंदौर में कमिश्नर सिस्टम है, इसके बावजूद भी प्रशासन चुप है। मामला मंगलवार का है, जब कालीचरण महाराज एयरपोर्ट पर उतरे थे तब उनके अनुयायियों ने एयरपोर्ट से जुलूस निकाला था। तभी वे जुलूस में लग रहे जयकारों के बीच तलवार लहराने लगे। इस पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह ने आरोप लगाया है कि जुलूस में कालीचरण ने अपने वाहन पर खड़े होकर खुलेआम तलवार लहराई। दहशत फैलाई।
सिंह का कहना था कि इंदौर में कुछ समय पहले ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हुई है, लेकिन पूरा प्रशासन इस मामले में चुप है। कांग्रेस ने कहा कि खुलेआम तलवार लहराना दहशत फैलाना अराजकता पैदा करने की कोशिश करना क्या पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत वैधानिक काम है।
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प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
कांग्रेस ने कालीचरण महाराज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खुलेआम तलवार लहराकर डर फैलाना कनून का उल्लंघन की श्रेणी में आता है तो कालीचरण के खिलाफ लोक शांति भंग करने और धारदार हतिय़ार को अपने वाहन पर खड़े होकर लहराने पर एफआइआर दर्ज करना चाहिए।
कालीचरण बोले कोई पछतावा नहीं
इधर, जमानत पर जेल से छूटकर इंदौर पहुंचे कालीचरण ने कहा है कि वे अपने बयान पर आज भी कायम हूं। आज मैं देवी अहिल्या की पावन नगरी में हूं। यहां पर लोगों का उत्साह देख प्रसन्न हूं। हिन्दुओं को लेकर मैं लगातार काम करता रहा हूं और करता रहूंगा। रायपुर में आयोजित धर्मसभा में महात्मा गांधी को लेकर कालीचरण ने विवादित टिप्पणी की थी, इस पर उन्होंने मीडिया से कहा कि मुझे अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं है। मुझे सच बोलने की सजा मिली है। गौरतलब है कि सोमवार को ही रायपुर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच से कालीचरण को जेल से रिहा किया गया था। वे रायपुर से इंदौर बुधवार को पहुंचे थे।
क्या कहा था गांधीजी के बारे में
रायपुर में दिसंबर 2021 को महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने मंच से महात्मा गांधी के बारे में अपशब्द कहे थे। कालीचरण ने कहा था कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा था कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर राजनीति के जरिए कब्जा किया गया। उन्होंने अपशब्द कहते हुए कहा कि मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नाथूराम गोडसे जी को नमस्कार है, जिन्होंने उस गांधी को मार दिया।
Updated on:
07 Apr 2022 02:20 pm
Published on:
06 Apr 2022 07:25 pm
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