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काठमांडू घूमने गई थी अर्चना तिवारी, इंदौर का एक लड़का भी साथ था, मिसिंग मिस्ट्री में आया नया मोड़

Katni Girl Archana Tiwari Found : कटनी निवासी अर्चना तिवारी को जीआरपी भोपाल ले आई है। शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, अर्चना इंदौर के एक लड़के के साथ काठमांडू घूमने गई थी। पुलिस ने युवक को भी हिरासत में लिया है। कुछ देर इस मिसिंग मिस्ट्री से पुलिस पर्दा उठाने वाली है।

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Katni Girl Archana Tiwari Found

अर्चना तिवारी मिसिंग मिस्ट्री में नया मोड़ (Photo Source- Patrika)

Katni Girl Archana Tiwari Found :मध्य प्रदेश के इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में सवार होकर कटनी जा रहीयुवती अर्चना तिवारी राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद अचानक लापता हो गई थी, जिसे 13 दिन बाद एमपी जीआरपी टीम उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से सटी नेपाल बॉर्डर के धनगढ़ी शहर से बरामद कर भोपाल ले आई है। हालांकि, इस मामले में जीआरपी दोपहर 01 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा करेगी, लेकिन इससे पहले पूछताछ में पता चला है कि, जिस युवती को इतने दिन से लगभग देशभर की पूरी रेलवे पुलिस तलाश रही थी वो किसी लड़के के साथ काठमांडू घूमने गई थी।

बीते 07 अगस्त को चलती ट्रेन से रहस्यमयी ढंग से लापता हुई कटनी की रहने वाली अर्चना तिवारी को जीआरपी पुलिस भोपाल ले आई है। हालांकि, इस मामले पर पुलिस द्वारा दोपहर 12 से 01 बजे के बीच पूरा खुलासा किया जाएगा लेकिन, शुरुआती बयानों के अनुसार, अर्चना इंदौर के एक युवक के साथ नेपाल के काठमांडू घूमने गई थी। पुलिस ने अर्चना के साथ गए युवक को भी हिरासत में ले लिया है। बता दें कि, अर्चना ने एक दिन पहले अपने परिजन को फोन कर सही सलामत होने की जानकारी दी थी। जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन मिली थी।

ग्वालियर के आरक्षक से भी हुई पूछताछ

बता दें कि इससे पहले जानकारी मिली थी कि ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में तैनात आरक्षक राम तोमर ने अर्चना तिवारी का इंदौर से ग्वालियर तक का ट्रेन टिकट बुक कराया था। इस खुलासे के बाद ग्वालियर रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने आरक्षक राम तोमर को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। आरक्षक राम तोमर ने पुलिस पूछताछ में अर्चना का टिकट बुक करने की बात स्वीकार की। लेकिन, ये दावा भी किया कि, अर्चना उस टिकट से यात्रा नहीं कर रही थी। साथ ही, ये भी पता चला है कि अर्चना और राम तोमर के बीच यात्रा से पहले फोन पर बातचीत हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि, कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन पर वो अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच की बी-3 सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थी। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास तक वो अपनी सीट पर नजर आई, लेकिन इसके बाद से उसका कही कोई पता नहीं चला। उसका फोन भी बंद हो गया। सहयात्रियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि, युवती वॉशरूम जाने की कहकर सीट से उठी थी। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि वह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतर गई थी, लेकिन वापस ट्रेन में सवार नहीं हुई।

8 अगस्त की सुबह उमरिया में रहने वाले अर्चना के मामा उमरिया स्टेशन पहुंचे और उन्होंने ट्रेन के भीतर जाकर देखा तो उन्हें संबंधित सीट पर अर्चना का पर्स मिला, जिसमें बच्चों के लिए खिलौने, कुछ सामान और राखी रखी थी। एक बैग में उसके कपड़े भी सुरक्षित रखे मिले, लेकिन अर्चना अपनी सीट पर नहीं थी। यात्रियों ने मामा को बताया कि, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद से ही अर्चना अपनी सीट पर नहीं आई थी।