
Kidney Transplant
अंगदान देहदान को समर्पित संस्था किरण फाउंडेशन के सहयोग से अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्था (एम्स) में लक्ष्मी सिंह डूंगर उम्र 81 वर्ष का निधन हो गया। परिजनों ने देह मेडिकल के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए किरण फाउंडेशन से संपर्क कर देहदान एम्स में हुआ।
ब्रेन डेड के लिए खास नियम
ब्रेन डेड में मनुष्य का दिमाग प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। अंगदान के लिए 1994 में मानव अंग व ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम बनाया गया।
यह अंग हो सकते हैं दान
हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी, आंत, पैं₹ियाज, आंख का कॉर्निया, हड्डी, त्वचा, नस, मांसपेशियां, टेंडन, लिगामेंट, कार्टिलेज, हृदय वाल्व और किडनी-लिवर।
ये नहीं कर सकते अंगदान
-कैंसर या एचआईवी से ग्रसित व्यक्ति
डॉ.कविता कुमार,एचओडी, नेत्र विभाग, जीएमसी का कहना है कि साल दर साल अंगदान के प्रति जागरुकता बढ़ रही है। लेकिन, अंगदान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को समझाने की जरूरत है। ताकि अधिक से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सके।
क्यों जरूरी है अंगदान
-लिवर फेलियर या लिवर कैंसर से 2 लाख मौतें हर साल। जबकि लिवर ट्रांसप्लांट सिर्फ 1500
-करीब 1.8 लाख लोग किडनी फेलियर के शिकार जबकि किडनी ट्रांसप्लांट 6 हजार
-50 हजार हार्ट फेलियर से पीड़ित, ट्रांसप्लांट सिर्फ 10 से 15 ही
अलग ब्लड ग्रुप में यह प्रक्रिया
इस प्रक्रिया में मरीज के शरीर में सभी एंटीबॉडीज को निकाला जाता है। जैसे ही एंटीबॉडीज का स्तर कम हो जाता है। वैसे ही सर्जरी शुरू की जाती है। प्रत्यारोपण करते समय भी एंडीबॉडीज के स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। यह प्रकिया बेहद कठिन है, इसलिए इसे आखिरी विकल्प के रूप में चुनते हैं।
यहां करें कॉल
भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी
हेल्पलाइन- 18002336688, 9479903333, 9425370325, 7000878269
राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) हेल्पलाइन - 800 11 4770
Published on:
13 Aug 2023 03:15 pm
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