1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टी-कोस्टर्स : कार्टून और स्पून में आए अट्रैक्टिव प्रिंट

वुडन क्रॉकरी से सज रहा किचन

2 min read
Google source verification
wooden works

भोपाल। लकड़ी के बर्तनों का इस्तेमाल पुराने से समय होता आ रहा है। लेकिन कुछ वक्त से प्लास्टिक और स्टैनलेस स्टील ने मार्केट और घरों में तेजी से अपनी पकड़ बनाई है। पर अब लकड़ी के बर्तनों ने मार्केट में वापस पैर फैलाना शुरू कर दिए है क्योंकि वुडन क्रॅाकरी देखने में काफी पारंपरिक है और इसके काफी फायदे भी हैं। इसकी सुंदरता की वजह से होटल और रेस्टोरेंट में इसका इस्तेमाल होने लगा है। एक्सपर्ट वीर सिंह ने बताया की घरों में लोगों ने इसका यूज करना शुरू कर दिया है। ये थोड़े महंगे होते हैं पर इनका अट्रेक्टिव लुक के चलते लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं।

कई हैं फायदे

लकड़ी के बर्तन जल्दी गर्म नहीं होते। हैंडल की ग्रिप अच्छी होती है। इसके अलावा लकड़ी के बर्तन प्लास्टिक की तरह कैमिकल को खाने में नहीं छोड़ेंगे। लकड़ी में बैक्टिरिया को खत्म करने की क्षमता भी होती है।

वुडन में भी क्रिएटिविटी

वुडन में अलग-अलग बर्तन कई डिफरेंट शेप्स में अवेलेबल कराए जा रहे हैं। चम्मच के हैंडल पर जानवरों के शेप्स, जिग-जैग व एनिमल प्रिंट्स खास हैं। वहीं टी-कोस्टर्स को कार्टून शेप से अट्रैक्टिव लुक दिया है। इसी तरह पॉट्स में मछली व अन्य जीवों के रूप में तराशा गया है।

जेइइ एडवांस 20 को, तैयारी में जुटे छात्र

भोपाल के जेइइ मेन में सेलेक्ट होने वाले स्टूडेंट्स अब जेईई एडवांस के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। देश के 23 संस्थानों में दाखिले के लिए लगभग 2 लाख 24 हजार छात्र जेइइ एडवांस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। जेइइ एडवांस का रजिस्ट्रेशन 7 मई तक चलेगा। 8 मई को फीस का भुगतान करने की अंतिम तिथि है। इसके बाद 20 मई को परीक्षा होगी। छात्रों को जेइइ एडवांस परीक्षा के ऑनलाइन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।

आ सकते हैं ट्रिकी सवाल

अब स्टूडेंट्स एडवांस की गंभीरता से तैयारी करने में जुट गए हैं। छात्र बताते हैं कि अब वे स्ट्रेटजी में थोड़ा बदलाव करते हुए स्टड़ी टाइमिंग और पेपर सॉल्व में कुछ चेंजेस करेंगे। कारण यह है कि एडवांस परीक्षा का पैटर्न पहले से तय नहीं होता है और इस बार से यह परीक्षा ऑनलाइन होने जा रही है। इसमें ऑब्जेक्टिव, मल्टिपल च्वाइस के साथ-साथ निगेटिव मार्किंग के सवाल भी होंगे। एक्सपर्ट की माने तो इसमें सिलेबस मेंस का ही होगा, बस सवाल ट्रिकी तरीके से पूछे जा सकते हैं।