
भाजपा की मुश्किल बढ़ा देगा कांग्रेस का यह दिग्गज नेता, चुनाव लड़ने का किया ऐलान
भोपाल। मध्यप्रदेश में पांच माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मिली कांग्रेस की जीत से उत्साहित दिग्गज नेता ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मैदान में उतरने की बात कही है। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मध्यप्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव बेहद रोमांचक होंगे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने भी भाजपा को मुश्किल में डालने की तैयारी अभी से कर ली है।
पिछले कुछ समय से लगातार जीत के बाद कांग्रेस मध्यप्रदेश में वापसी करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है, जबकि भाजपा का मध्यप्रदेश में ग्राफ गिर रहा है।
कांग्रेस के पास ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह , अरुण यादव, केके मिश्रा और पीसी शर्मा जैसे बड़े नेता हैं। जबकि भाजपा के पास बड़े नेताओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं, जिनके दम पर भाजपा को वोट मिलते हैं। इनके अलावा उमा भारती , नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा आदि हैं।
बुदनी से शिवराज को टक्कर देंगे केके
मध्यप्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होंगे। मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ विधानसभा चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है। चौहान बुदनी से विधायक हैं और इस बार भी वे बुदनी से ही चुनाव लड़ेंगे। इसलिए मिश्रा ने पार्टी से आग्रह किया है कि भाजपा को मुश्किल में डालने के लिए वे बुदनी से चुनाव लड़ें।
चुनाव लड़ने की मागी अनुमति
केके मिश्रा ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हूं, इसलिए चंदा नहीं दे सकते हैं। उन्होंने पार्टी से आग्रह किया है कि शिवराज के खिलाफ चुनाव लडऩे की अनुमति दी जाए। यह बात उन्होने आलाकमान तक भी पहुंचा दी है। प्रदेश कांग्रेस इस समय चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों के आवेदन स्वीकार कर रही है। आवेदन के लिए 50,000 रुपए का बैंक ड्राफ्ट भी अनिवार्य किया है।
मैं भाजपा को तो मुश्किल में डाल दूंगा
मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह कहीं से भी खड़े हो जाएंगे मैं उनके खिलाफ लड़ूंगा। मिश्रा का दावा है कि वे भाजपा को मुश्किल में डाल सकता हूं। उनका दावा है कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे डटकर मुकाबला करेंगे। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों सहित अन्य लोगों के संपर्क में हैं।
दो क्षेत्रों से चुनाव लड़ते हैं सीएम
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पारंपरिक सीट है। इसके अलावा वे विदिशा से भी चुनाव लड़ते हैं। बुदनी तहसील में ही उनका गृह नगर है, जबकि विदिशा उनका कर्म क्षेत्र मानी जाती है, जहां से उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा था। शिवराज सिंह चौहान के बुदनी और विदिशा से चुनाव लड़ने की बात पर मिश्रा ने कहा कि वे कहीं से भी चुनाव लड़ेंगे मैं वहां भी पहुंच जाऊंगा। उन्हें भी मुश्किल में डाल दूंगा।
सीएम ने किया था मानहानि का मुकदमा
केके मिश्रा ने 7 मार्च 2015 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पत्नी के मायके गोंदिया से 19 लोगों का व्यापमं की परिवहन आरक्षक भर्ती में चयन हुआ है। मिश्रा का आरोप था कि चयन के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से पैरवी की गई थी। आरोप लगने के बाद सीएम ने अपनी तरफ से कोर्ट में परिवाद लगाया था। मामले में 15 से ज्यादा लोगों के बयान हुए। एक सुनवाई में अदालत पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया था कि आरोप लगने से मुझे मानसिक प्रताड़ना हुई। छवि धूमिल हुई, गरिमा को खंडित किया गया। मेरी इज्जत तार-तार हो गई। संदेह की अंगुली उठने लगी थी। मुझे काम करने में काफी दिक्कत हुई।
आरोप लगाने पर दो साल की सजा
इधर 17 नवंबर 2017 में कोर्ट ने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा को दो साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपए का जुर्माने भी लगाया। इस फैसले के बाद मिश्रा हाईकोर्ट की शरण में चले गए।
Published on:
12 Mar 2018 02:48 pm
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