
kolkata investors summit 2024 में इन्वेस्टर्स से बोले सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश में आपका स्वागत है...
Kolkata Investors Summit 2024: मध्यप्रदेश में निवेश के लिए कोलकाता में शुक्रवार को इंटरेक्टिव सेशन में खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, सीमेंट, स्टील, प्लास्टिक और नवकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों से 19270 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 9450 रोजगार के अवसर बनेंगे। सबसे बड़ा निवेश हिमाद्रि केमिकल्स का 5425 करोड़ रुपए का है। इससे दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
एमपी में बिरला ग्रुप (Birla Group) ने भी उज्जैन जिले के बडऩगर में 3000 करोड़ से सीमेंट इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से कहा कि विकास के कारवां में सरकार को उद्योगपतियों के साथ बराबरी से चलना होगा। हम उद्योगपतियों के साथ सकारात्मक और सहयोगी दृष्टिकोण से कार्य के इच्छुक हैं।
एमपी उद्योगपतियों का पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत करता है। सीएम ने 27 सितंबर को सागर में होने जा रही रीजनल कॉन्क्लेव और फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए भी उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र में सभी औद्योगिक सेक्टर के लिए पर्याप्त संभावनाएं हैं। कोयम्बतूर हो या कोलकाता, सभी क्षेत्रों के लोगों की उद्यमशीलता और सृजनशीलता को प्रदेश आमंत्रित करता है। राज्य सरकार हर संभव सहयोग देने को तत्पर है।
एमपी में उद्योगों के लिए अनुकूल कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) अध्यक्ष और आइटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा, मप्र की औद्योगिक नीतियां निवेश मित्र हैं। शांत माहौल और कानून व्यवस्था की अच्छी स्थिति मप्र में निवेश के लिए अनुकूल हैं।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) अध्यक्ष और आइटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा, मप्र की औद्योगिक नीतियां निवेश मित्र हैं। शांत माहौल और कानून व्यवस्था की अच्छी स्थिति मप्र में निवेश के लिए अनुकूल हैं।
एमपी बिरला ग्रुप के सीईओ संदीप घोष ने कहा, मप्र से हमारा गहरा रिश्ता है। ग्रुप का सर्वाधिक निवेश यहीं है। इन्फ्रा, कुशल मानव संसाधन और सुविधाएं उद्योगों के अनुकूल हैं। हम बडऩगर में 3000 करोड़ से सीमेंट इकाई लगाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि रेडीमेड गारमेंट, माइनिंग, ऊर्जा, पर्यटन, सभी क्षेत्रों के मध्यम एवं भारी उद्योग मध्य प्रदेश में आमंत्रित हैं, राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियां पर्याप्त लचीली और समावेशी हैं।
इस अवसर पर सीआइआइ के प्रेसीडेंट और आइटीसी समूह के चेयरमैन संजीव पुरी, एमपी बिरला ग्रुप के सीईओ संदीप घोष, स्वरा हाइजीन प्रालि. के एमडी आलोक बिरला और टाटा स्टील्स के एमडी संदीप कुमार मौजूद थे। आइटीसी ग्रुप के चेयरमैन और एमपी बिरला ग्रुप के सीईओ ने भी मप्र को उद्योग के लिए अनुकूल बताया।
Updated on:
21 Sept 2024 09:37 am
Published on:
21 Sept 2024 08:05 am
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