
भोपाल। बीते हफ्ते बारामूला में तीन स्थानीय लोगों की हत्या करने वाले चार लश्कर आतंकियों समेत 10 लोगों को दबोचने वालों में भोपाल के मेजर कुणाल ठाकरे भी शामिल थे। मेजर कुणाल की मां प्रतिभा बुधवार को समाचार चैनलों में अपने बेटे के साहस और हौसले के किस्से सुन फूली नहीं समा रहीं। वह राजधानी में अपने बड़े बेटे के साथ रहती हैं।
प्रतिभा यहां सरकारी कर्मचारी हैं। कुणाल जब चार साल का था, तब उसके पिता गुजर गए। कुणाल बचपन से ही काफी होनहार है। कुणाल के दोस्तों ने बताया कि उसमें देश भक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। स्कूल से ही उसमें सेना में जाने का जुनून था। इसकी शुरुआत उसने एनसीसी से की। कुणाल ने एनसीसी के कई कैंपों में राष्ट्रीय स्तर तक भाग लिया। 2007 में कुणाल का एनडीए में सिलेक्शन हुआ था, तब वह काफी खुश था।
दोस्तों ने मां को दी जानकारी
कुणाल के दोस्त विक्रम रघुवंशी और पलाश ने टीवी पर अपने दोस्त की बहादुरी की खबर देखी तो उन्होंने कुणाल की मां प्रतिभा को इसकी जानकारी दी। .
सुभाष स्कूल में 9वीं से 12वीं की पढ़ाई
कुणाल का जन्म होशंगाबाद में हुआ। छिंदवाड़ा में पांचवी तक पढ़ाई हुई। उसके बाद वह भोपाल के सुभाष स्कूल में 9 वीं से 12वीं क्लास तक की पढ़ाई की। कुणाल के पड़ोसियों ने बताया कि उसे अनाथ बच्चों की मदद करना अच्छा लगता है। वह जब भी आता है तो अनाथ बच्चों को मिठाई-कपड़े देता है।
फरवरी में भोपाल आए थे मेजर
मेजर कुणाल के बड़े भाई स्वप्निल ने बताया कि 12 फरवरी को कुणाल की शादी हुई थी। उस समय वह भोपाल आया था। अब उससे सिर्फ फोन पर बात होती है।
Published on:
10 May 2018 06:27 pm
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