
परिजनों के नाम से विदिशा-रायसेन और भोपाल में खरीदी जमीन
भोपाल. बर्खास्त संविदा सहायक यंत्री हेमा मीणा और उसके सरपरस्त निलंबित प्रभारी प्रोजेक्ट इंजीनियर जर्नादन सिंह की करोड़ों की काली कमाई उनके कुछ काम नहीं आएगी। उनकी संपत्तियां सरकार जब्त कर रही है। दोनों ने विदिशा-रायसेन और भोपाल में बेनामी और परिजनों के नाम से 60 एकड़ जमीन खरीदी है। काली कमाई सेे जुटाई हेमा-जनार्दन की करोड़ों की ये संपत्ति राजसात होगी।
महज तीस हजार रुपए का मासिक वेतन पाने वाली हेमा मीणा के बिलखिरिया स्थित लक्जरी फार्म हाउस पर लोकायुक्त टीम की दबिश के बाद ये खुलासे हुए थे। जांच टीम को भोपाल के अलावा विदिशा और रायसेन जिले में 60 एकड़ से अधिक जमीन का पता चला है। ये जमीनें हेमा मीणा और निलंबित प्रभारी प्रोजेक्ट इंजीनियर जर्नादन सिंह के परिजनों के साथ साझेदारी में खरीदी गईं।
इन जमीनों का नामांतरण वर्ष 2019 से 2021 के बीच किया गया। खास बात है कि इन जमीनों पर भी भोपाल के पास बिलखिरिया में मौजूद फार्म हाउस की तर्ज पर वेयर हाउस समेत लाखों रुपए के अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता है। सूत्रों की मानें तो जर्नादन सिंह के अलावा और भी आला अधिकारियों की काली कमाई जमीनों में खपाई गई है।
जांच में कहां मिली कितनी संपत्ति
बिलखिरिया में डेढ़ लाख वर्गफीट से अधिक के लक्जरी फार्म हाउस के अलावा विदिशा के देवराजपुर और रायसेन के सेमरा, काछीाकनाखेड़ा और बिलौरी गांव में हेमा मीणा और जर्नादन ङ्क्षसह की मां, पत्नी और बहनोई की साझेदारी में खरीदी गई जमीनें हैं। बिलखिरिया स्थित फार्म हाउस की जमीन हेमा मीणा के पिता के नाम पर है। जमीनें जिनके नाम हैं, उन्हें भी आरोपी बनाने की तैयारी है। इन जमीनेां की कीमत नौ करोड़ से अधिक बताई जा रही है। इनमें सबसे अधिक 44 एकड़ जमीन विदिशा जिले के देवराजपुर गांव में है। रायसेन के काछीकनाखेड़ा में 6 एकड़ तो बिलौरी गांव में दस एकड़ जमीन मिली है। इन जमीनों को भी फार्म हाउस की शक्ल दी जा रही है। यहां गोदाम और पॉली हाउस बनाए गए हैं।
जनार्दन के पास भोपाल का भी था प्रभार
सूत्रों के मुताबिक प्रभारी प्रोजेक्ट इंजीनियर जनार्दन सिंह के पास सागर संभाग के अलावा भोपाल में चल रहे प्रोजेक्ट की भी जिम्मेदारी थी। सभी में हेमा मीणा को बतौर संविदा सहायक इंजीनियर रखा गया था। इन सभी प्राजेक्ट की पूरी जानकारी बोर्ड के पास है, पर इसे अभी तक लोकायुक्त पुलिस से साझा नहीं किया गया है।
खरीदी गई जमीनों की सूची तैयार
लोकायुक्त पुलिस द्वारा कई बार मप्र पुलिस हाउसिंग बोर्ड से ये जानकारी देने के लिए कहा गया है। हालांकि लोकायुक्त टीम जांच की गति को बढ़ाते हुए बेनामी व जनार्दन सिंह और हेमा मीणा के परिजनों के नाम पर खरीदी गई जमीनों की सूची तैयार की है, अब अगले चरण में करोड़ों की संपत्ति को राजसात करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। लोकायुक्त टीम ने 12 मई को हेमा मीणा के बिलखिरिया फार्म हाउस पर छापा मारा था। यहां से सात करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
Published on:
09 Jul 2023 11:34 am
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