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भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम ने करवट ली है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार दोपहर 3 बजे अचानक से आसमान में बादल छा गए। इस बार मौसम की लय बिगड़ी हुई है। इससे मानसून के आगमन में थोड़ा विलंब हो सकता है। मौसम विभाग (आइएमडी) ने यह पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए कहा कि केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के चार जून तक दस्तक देगा। निजी एजेंसी स्काइमेट ने भी कहा है कि मानसून आगमन में देर से इस बार जून में गर्मी का दौर लंबा रह सकता है। केरल में पिछले साल मानसून 29 मई को पहुंचा था। सामान्य रूप से मानसून एक जून को केरल में प्रवेश करता है। वहीं 17 जून तक मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है।
बदला मौसम, 48 घंटों में धूल भरी आंधी
प्रदेश में फिर मौसम बदल गया। भोपाल में बुधवार शाम 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, कई स्थानों पर बौछार पड़ी। रायसेन में 14 मिमी बारिश हुई। 44.2 डिग्री के साथ खजुराहो सबसे गर्म रहा। भोपाल में पारा 39.9 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले 48 घंटों में धूल भरी आंधी चल सकती है।
इन जिलों में बारिश के आसार
एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के साथ एक लोकल सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिसका असर 20 मई तक रहने का अनुमान है।इसके बाद 23-25 मई के बीच फिर एक और सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके असर से तेज आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। बुधवार-गुरुवार की रात नर्मदापुरम, इंदौर, सागर और ग्वालियर संभाग में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।वही इंदौर, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, धार, श्योपुर, शिवपुरी, खरगोन, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी जिले में बारिश का अनुमान है।
मई की शुरुआत तक चली सर्दी
मई की शुरुआत में उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश हुई और लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा। तभी आशंका पैदा हो गई थी कि इस बार मानसून के आगमन में देर हो सकती है। हालांकि फिलहाल ज्यादा देर की संभावना नहीं जताई गई है। अगर मानसून में ज्यादा देर होती है तो खरीफ की प्रमुख फसलों की बुवाई पर असर पड़ सकता है।
ये हैं महत्वपूर्ण संदेश
-आइएमडी ने पिछले महीने कहा था कि भारत में अल नीनो की हालत के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य बारिश होने की उम्मीद है।
-आइएमडी पिछले 18 साल से मानसून के आगमन पर पूर्वानुमान लगाता आ रहा है। कुल 6 पैरामीटर पर यह पूर्वानुमान लगाया जाता है। इसमें उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान शामिल है।
-भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के संकेत केरल में दस्तक से मिलते हैं। यह गर्म व शुष्क मौसम के बारिश में बदलने वाला महत्त्वपूर्ण संकेत है। जैसे ही मानसून उत्तर में बढ़ता है, गर्मी से राहत मिलने लगती है।
Published on:
17 May 2023 05:58 pm
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