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लेपर्ड स्टेट में एक और मौतः ग्रामीणों ने लाठी-पत्थरों से तेंदुए को मार डाला

तेंदुआ स्टेट में एक और तेंदुए को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला...।

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भोपाल

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Manish Geete

May 26, 2023

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खरगोन जिले से में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला। खरगोन जिले के चिरिया वन परिक्षेत्र में इस तेंदुए ने एक ग्रामीण को घायल कर दिया था, इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मिलकर तेंदुए को घेरकर मार डाला। बताया जा रहा है कि इसी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ दिख रहा था और ग्रामीण दहशत में थे।

खरगोन के वन मंडलाधिकारी प्रशांत सिंह के मुताबिक चिरिया वनपरिक्षेत्र से शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि एक तेंदुए को मार दिया गया। मौके पर वन विभाग की टीम को भेजा गया है।

इधर, खरगोन से हमारे संवाददाता ने बताया कि ग्रामीणों ने एकत्र होकर लाठी और पत्थरों से तेंदुए पर हमला कर दिया। यह घटना झिरन्या तहसील मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम नानकोड़ी की है। इसी से लगा चिरिया वन परिक्षेत्र है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को सुबह मुकेश पिता मुंशी शौच के लिए जंगल में गया था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। इसके शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़कर वहां पहुंचे गए। इन्होंने देखा कि तेंदुआ मुकेश पर हमला कर रहा है। तभी वहां मौजूद ग्रामीणों ने लाठी-पत्थरों से तेंदुए की जान ने ली। उक्त घटना की सूचना मिलने पर चैनपुर थाने सहित वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया है। वहीं घायल मुकेश को खरगोन रेफर किया गया है। मृतक तेंदुए की उम्र करीब एक साल बताई जा रही है।

तेंदुआ स्टेट है मध्यप्रदेश

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा तेंदुए होने के कारण इस राज्य को तेंदुआ स्टेट का दर्जा मिला हुआ है। एमपी में 3427 तेंदुए हैं। 2018 में देश में सबसे अधिक 3521 तेंदुआ पाए गए हैं, लेकिन चिंता ये है कि उनकी मौत का आंकड़ा भी उतना ही बढ़ा है। विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस साल तेंदुओं की संख्या 4 हजार के ऊपर जाएगी। लेकिन, ऐसे मामलों में संख्या बढ़ना मुश्किल ही है।

यह भी पढ़ें : तेंदुआ स्टेट में एक और तेंदुए की मौत, सड़क पार करते समय वाहन ने कुचला


भेड़िया स्टेट भी है

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा भेड़िया (wolf) होने के कारण भी इसे वुल्फ स्टेट यानी भेड़िया स्टेट का भी दर्जा मिला हुआ है। मध्यप्रदेश में भेड़िए की आबादी 772 है। जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां भेड़ियों की संख्या 532 है। मध्यप्रदेश की आबोहवा भेड़ियों को काफी पसंद है। इसलिए यहां भेड़ियों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।

गिद्ध स्टेट भी है

मध्यप्रदेश इसलिए भी दुनियाभर में चर्चित है क्योंकि सभी जगह से लुप्त हो रहे गिद्ध सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में बचे हुए हैं और यहां उनके संरक्षण और नई जनरेशन को बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। गणना के अनुसार मध्यप्रदेश में 9448 गिद्ध मिले हैं। इसलिए मध्यप्रदेश गिद्ध स्टेट (vulture state) है। भोपाल के केरला डैम पर गिद्ध संरक्षण और प्रजनन केंद्र बनाया गया है। इसे बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त तौर पर काम किया जा रहा है।एमपी में गिद्धों की कुल 7 प्रातियां हैं। प्रदेश में पन्ना, मंदसौर, नीमच, सतना, छतरपुर, रायसेन, भोपाल, श्योपुर और विदिशा में काफी संख्या में गिद्ध पाए गए हैं।

घड़ियाल स्टेट भी है

मध्यप्रदेश घड़ियाल स्टेट (alligator state) भी इसलिए बन गया है क्योंकि यहां देश में सबसे ज्यादा घड़ियाल पाए गए हैं। मध्यप्रदेश के चंबल नदी में सबसे ज्यादा घड़ियाल (Alligator) है। इसलिए मध्यप्रदेश घड़ियाल स्टेट भी बन गया है। यह स्थान घड़ियाल के लिए स्वर्ग माना जाता है। पिछली गणना के अनुसार प्रदेश में 2227 घड़ियाल पाए गए हैं। इसके बाद बिहार की गंडक नदी का नंबर आता है जहां एक हजार से कम घड़ियाल हैं।

टाइगर स्टेट

मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बना हुआ है। यहां बाघों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। 526 बाघों के साथ मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। हालांकि कुछ महिनों में यहां कुछ टाइगर की मौत हुई है और कुछ टाइगर बढ़े भी हैं। मध्यप्रदेश में टाइगर के लिए 6 टाइगर रिजर्व और 5 नेशनल पार्क हैं।

चीता स्टेट भी है

मध्यप्रदेश के कूनो में नामीबिया और साउथ आफ्रिका से चीता भी लाए गए हैं। भारत में यह पहला राज्य हैं जहां चीता मौजूद हैं। यहां 72 साल बाद चीता भारत की धरती पर आया है। इसलिए भी मध्यप्रदेश चीता स्टेट बना हुआ है। हालांकि पिछले कुछ माह में ही चीता प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है, यहां देखते ही देखते 5 चीतों की मौत हो गई है।