
relationship couples
भोपाल। बदलते दौर में जहां प्यार की परिभाषा बदली वहीं धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे कई जोड़े हैं जो बिना शादी किए साथ रहते हैं। इनमें से कई लव-इन ऐसे हैं जो रेप में बदल गए। महिला थाने से मिले आंकड़ों के मुताबिक ये खुलासा हुआ। थाना प्रभारी शिखा सिंह बैस ने बताया कि बीते साल लिव इन संबंधी करीब १०० से ज्यादा शिकायतें थाने में पहुंची। इनमें कई मामलों में समझौता हो गया, वहीं पिछले साल १९ पर बलात्कार का अपराध कायम कर एफआईआर दर्ज की गई। दर्ज अपराध में सर्वाधिक मामले लिव-इन के हैं। ऐसे मामलों में कुछ साल साथ रहने के बाद शादी करने से मना कर दिया।
केस-1
विदिशा निवासी महिला ने महिला थाना स्थित वी केयर फॉर यू में अपने प्रेमी के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया, जिसमें पीड़िता ने बताया कि वह भोपाल निवासी मनीष नागरे के साथ बीते सात साल से पति-पत्नी के रिश्ते की तरह रह रही है। एक दिन अचानक मनीष ने पीड़िता को यह कहते हुए शादी करने से इंकार कर दिया कि वह अपने परिवार की मर्जी से शादी करेगा।
केस-2
सीहोर निवासी महिला ने बताया कि जहांगीरबाद निवासी करन ने उससे शादी करने का वादा किया, जिसके बाद वह पांच साल तक साथ रहे। पति-पत्नी के रिश्ते में रहते हुए उसने करन के कहने पर दो बार अबॉर्शन भी कराया। पीड़िता ने बताया कि करन उसे हर बार अगले महीने शादी करने का वादा करता रहा लेकिन अब वह शादी करने से इंकार कर रहा है और बीते दिसंबर को वह अचानक घर छोड़कर भी चला गया है।
केस-3
भोपाल निवासी महिला ने शिकायती आवेदन में बताया कि उसने कॉलेज में साथ पढऩे वाले कोमल के साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया। दोनों बीते चार साल से करोंद में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। कोमल की नौकरी लगते ही उसने पीडि़ता से शादी करने से इंकार कर दिया।
समाज में परिवर्तन के कारण इस तरह की शिकायतें बढ़ रही हैं, जिनमें धोखाधड़ी और बलात्कार जैसी धाराएं लगाकर एफआईआर दर्ज की जा रही है।
भारतेंदु शर्मा, सीएसपी
तीन साल में दर्ज रेप के मामले
वर्ष २०१५- १८
वर्ष २०१६- १४
वर्ष २०१७- १९
लिव इन रिलेशन- सही या नहीं
लिव इन रिलेशनशिप यानी बिना शादी किए लड़के और लड़की का साथ रहना। ऐसे रिश्ते सालों से समाज में हैं। लेकिन अंतर सिर्फ इतना है कि इस ओर लोगों का ज्यादा ध्यान अब गया है। पश्चिमी देशों के असर की वजह से अर्बन इंडिया ओपन माइंडेड हो गया है। साथ ही बड़ी तादाद में युवा, छोटी उम्र में ही पढ़ने और काम करने के लिए घरों से बाहर अकेले रहने लगे हैं। जिस वजह से लिव इन रिलेशनशिप का चलन बढ़ रहा है। लेकिन क्या ऐसे रिश्ते सही हैं? देखा जाए तो इस तरह के रिश्तों में कई पॉजिटिव बातें होती हैं। पहली बात यह कि शादी की तरह लिव इन में कोई कॉम्प्लिकेशन या उलझन नहीं होती। इंसान का जब तक मन करे वो इस रिश्ते में रह सकता है, ऐसे में रिश्ता हमेशा फ्रेश रहता है और खुशियां बनी रहती हैं। जिंदगी भर एक दूसरे का साथ निभाने का बोझ आपके दिल में नहीं होता।
इसका नकारात्मक पहलू यह है कि भारत के ज्यादातर हिस्से में लिव इन रिलेशनशिप को सामाजिक मान्यता प्राप्त नहीं है। अगर इस बात का पता चल जाए कि आप शादी के बिना, लिव इन में रहते हैं, खासतौर पर लड़कियां, तो आपको सामाजिक तौर पर पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया जाता। ये एक बेहद निजी पहलू है जो सभी के लिए एक समान नहीं हो सकता। यह किसी के लिए सही हो सकता है लेकिन दूसरे के लिए नहीं। खास तौर पर चूंकि इस तरह के रिश्ते में सामाजिक सुरक्षा नहीं होती ऐसे में महिलाओं को कई बार उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ता है। लिहाजा हर रिश्ते की तरह लिव इन में भी सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। लेकिन ये निर्भर उन दो लोगों पर करता है जो रिश्ते को निभाते हैं।
लिव इन रिलेशनशिप के फायदें
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने जोडियों में धोखा, बेवफाई और व्यभिचार की आशंका कम होती है।
- इस रिश्ते में रहते-रहते आप विवाह के बंधन में भी बंध सकते हैं।
- दोनों पार्टनर अपनी जिम्मेदारियां बिना किसी दबाव के निभाते हैं।
- इस संबंध में समाज और कानून दोनों का नियंत्रण भी है।
- यह रिश्ता अधिक बोझिल नहीं होता। ऐसे में दोनों पार्टनर पूरी तरह से निजी रूप से आजाद होते हैं।
लिव इन रिलेशनशिप के नुकसान
- बंधन में न बंधने की आजादी तो होती है, पर लाइफ में पूरी तरह से एन्जॉय नहीं कर पाते, क्योंकि अविश्वास की भावना पनपने का डर बना रहता है।
- दोनों में से किसी एक के बहकने का डर अधिक बना रहता है साथ ही कमिट्मेंट तोड़ने का भी डर रहता है।
- कहीं आपका पार्टनर आपको छोड़ न दे इस तरह का डर मन में हमेशा बना रहता है, जिससे तनाव की स्थितियां भी उत्पन्न हो जाती है।
- एक दूसरे के वर्क स्टाइल या कल्चर को ना समझ पाने के कारण भी दिक्कतें आने लगती हैं।
- लिव इन रिलेशनशिप में आप परिवार की खुशी का मजा नहीं ले सकते।
- आप शुरूआत में प्यार और भावनात्मक रूप से तो जुड़ते है लेकिन धीरे-धीरे उसमें कमी आने लगती है जिससे बोरियत होने लगती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- आपको अपने पार्टनर के साथ एग्रीमेंट करना चाहिए।
- आपको साथ निभाने के लिए ट्रेनिंग लेनी चाहिए।
- आपको अपने सभी अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए।
- आपका पार्टनर यदि आपकी मज़बूरी या आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है तो उसे रोकने की आपमें क्षमता व हिम्मत होनी चाहिए।
- अपने पार्टनर पर पूरी तरह से भरोसा होना चाहिए व इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको उस निर्णय को जीवन भर निभाना पड़ेगा।
- अगर इस रिलेशनशिप के चलते यदि आपको बीच में ही अकेला रहना पड़े तो उसके लिए अपने-आपको पहले से ही मजबूत बना कर रखिए तभी आप सफल लिव इन रिलेशनशिप में रह पायेंगे।
Published on:
25 Feb 2018 02:45 pm
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