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MP Loksabha 2024 News: कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए शारदा सोलंकी और अक्षय बम, क्या दोनों को मिलेगी राहत?

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र केस में फंसीं मुरैना महापौर शारदा सोलंकी का फैसला 7 मई को, हत्या के प्रयास के मामले में फंसे अक्षय कांति बम का फैसला 10 मई को...।

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भोपाल

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Manish Geete

May 01, 2024

sharda solanki and akshay kanti bam join bjp

मध्यप्रदेश में हा ही में भाजपा ज्वाइन करने वाले इंदौर के कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के खिलाफ भी कोर्ट में कुछ केस थे, हाल ही में हत्या के प्रयास की एक धारा भी जोड़ी गई थी, अब उनकी पेशी 10 मई को होने वाली है। इसके साथ ही कल ही भाजपा ज्वाइन करने वाली मुरैना महापौर के खिलाफ भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में केस चल रहा है, जिन पर 7 मई को फैसला होने वाला है। राजनीतिक जानकार ऐसे मामलों को अलग नजरिए से देख रहे हैं।

7 मई को आएगा मुरैना महापौर का फैसला

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामले में फंसीं कांग्रेस की महापौर शारदा सोलंकी ने 20 जुलाई 2022 यानी एक साल 9 महीने 72 दिन बाद ही भाजपा ज्वाइन कर ली। उन्होंने मंगलवार को श्योपुर में सीएम डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष भाजपा की सदस्यता ली। इसकी अटकलें 2023 में ही शुरू हो गई थीं, जब उन्होंने भोपाल में वीडी से मुलाकात की थी। हालांकि अंदरूनी कारणों के चलते ज्वाइनिंग रुक गई थी। महापौर शारदा सोलंकी पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के जरिए चुनाव लडऩे का आरोप है। महापौर की भाजपा प्रत्याशी मीना मुकेश जाटव ने प्रमाण-पत्र फर्जी बताते हुए कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। मामले में महापौर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। वर्तमान में मामला सप्तम अपर सत्र न्यायालय मुरैना में है। 7 मई को फैसला होना है। उनके भाजपा में जाने की एक मुख्य वजह यह भी बताई जा रही है।

इंदौरः अक्षय बम की पेशी 10 मई को

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र केस में फंसीं मुरैना महापौर शारदा सोलंकी का फैसला 7 मई को, हत्या के प्रयास के मामले में फंसे अक्षय कांति बम का फैसला 10 मई को…।

सोमवार को भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के प्रत्याशी अक्षय कांति बम पर तीन दिन पहले ही कोर्ट ने 17 साल पुराने एक मामले में हत्या के प्रयास के मामले की धारा जोड़ी है। अक्षय बम और इसी मामले में उनके पिता की पेशी 10 मई को है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। अब तक इस प्रकरण में धारा 323, 506, 147, 148, 149 ही लगी हुई थी।

यह है मामलाः यह प्रकरण कनाडिया क्षेत्र की जमीन को लेकर है। यूनुस पटेल नाम के फरियादी के वकील मुकेश देवल ने मीडिया को बताया कि यह जमीन फरियादी की थी। अक्षय बम, कांति बम और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने वर्ष 2007 में इस जमीन का सौदा 50 लाख रुपए में करते हुए एक अनुबंध किया था। बाद में आरोपितों ने चेक देकर इस जमीन की रजिस्ट्री भी करवा ली, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इन्होंने फरियादी को बगैर बताए जमीन का नामांतरण भी करा लिया। 4 अक्टूबर 2007 को फरियादी अपने खेत पर था तभी आरोपित कांतिलाल बम, अक्षय बम, अन्य सात-आठ लोगों के साथ पहुंचे। उनके हाथ में बंदूक भी थी। बम ने कहा कि ये यूनुस गुड्डू है। इसे गोली मार दो। इस पर एक अन्य ने गोली चला दी, जो फरियादी के कान के पास से गुजर गई। पुलिस ने इस मामले में मामूली धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया था। एडवोकेट देवल ने बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने प्रकरण को अगली कार्रवाई के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष भेजा है। आरोपितों को 10 मई को उपस्थित होना है।