14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निजी अस्पतालों में लूट-खसोट : दर्द बढ़ा रहा ये अवसर, कोई भी बीमा हो… पहले जमा कराना होंगे नगद रुपये

अधिकतर निजी अस्पताल नहीं कर रहे कैशलेस मेडीक्लेम से कोरोना मरीजों का इलाज, कैश हो तो ही इलाज मिलेगा।

2 min read
Google source verification
news

निजी अस्पतालों में लूट-खसोट : दर्द बढ़ा रहा ये अवसर, कोई भी बीमा हो... पहले जमा कराना होंगे नगद रुपये

भोपाल/ जैसे जैसे प्रदेश में कोरोना संक्रमण के हालात बिगड़ते जा रहे हैं, वैसे वैसे ही निजी अस्पतालों की मनमर्जी भी बढ़ती जा रही है। उपचार के नाम पर बेतहाशा वसूली के साथ कैशलेस मेडीक्लेम (बीमा) होने के बाद भी मरीजों से रुपये लिये जा रहे हैं। मरीजों से कहा जा रहा है कि, बाद में मेडीक्लेम कंपनियों से आप खुद रिफंड ले लेना। यहां तो आपको नगद भुगतान ही करना होगा।

पढ़ें ये खास खबर- कोरोना पेशेंट का वार्डबॉय ने निकाल दिया ऑक्सीजन, शासकीय शिक्षक ने तड़प-तड़प कर तोड़ा दम, घटना CCTV में कैद


सीएम शिवराज से कार्रवाई की मांग

निजी अस्पतालों का ये रवैय्या मरीजों की पीड़ी बढ़ा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग उधार, ब्याज या फिर गहने बेचकर पैसे लाने तक को मजबूर हो रहे हैं। पत्रिका ने जब इसे लेकर पड़ताल की, तो चौकाने वाले खुलासे हुए। इधर, खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद मालू ने बुधवार को इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शिकायत करते हुए निजी अस्पतालों की इस मनमानी पर कार्रवाई करने की मांग की है।


10 दिन में बना डाला 7 लाख का बिल

भोपाल के चौकसे नगर में रहने वाले साजन जैन निजी मैडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उनके पास करीब 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस है, जिसमें कोरोना कवर भी है। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही उनसे एक लाख रुपये मांगे गए। उन्होंने इंश्योरेंस के बारे में बताया, तो अस्पताल द्वारा उनसे कहा गया कि, यहां कार्ड नहीं चलेगा, आपको केश भुगतान ही करना पड़ेगा। पिछले दस दिनों में साजन 7 लाख रुपये बिल जमा कर चुके हैं।

पढ़ें ये खास खबर- कोरोना का कहर : अब सरकारी भवन बनेंगे कोविड केयर सेंटर


उधार लेकर भरा बिल

भोपाल के ही अवधपुरी के रहने वाले करण शर्मा का कहाना है कि, मुझे भर्ती होने के दौरान निजी अस्पताल ने बताया कि, यहां इंश्योरेंस कार्ड नहीं चलेगा। मैने उनसे कहा कि, पहले तो यहां ये कार्ड चलता था। इसपर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि, कोरोना के चलते व्यवस्थाएं बदल गई हैं। मजबूरी में मुझे पांच लाख रुपये उधार लेकर अस्पताल को चुकाने पड़े।

ये कैसा लॉकडाउन : यहां व्यापारी आधा शटर खोलकर कर रहे व्यवसाय - Video