
फेफड़ों की इन समस्याओं को ना करें नज़रअंदाज़, हो सकती है गंभीर बीमारी
भोपालः वातावरण में बढ़ते प्रदूषण और अधिक धुम्रपान के कारण फेफड़ों की बीमारी से जुड़े रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। फेफड़े की बीमारी व्यक्ति को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती जाती है, जिसका लंबे समय तो पीड़ित को ऐहसास भी नहीं होता। आमतौर पर खांसी, कफ, सीने में दर्द, बलगम आदि से फेफड़े से संबंधित बीमारी की शुरुआत होती है। कई बार ये टीबी और फेफड़ों के कैंसर का कारण तक बन जाता है। इसलिए आज हम आपको चिकित्सक के मार्गदर्न में फेफड़ों की समस्या से जुड़े कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताएंगे, जिनके होने पर व्यक्ति को फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जाने उन लक्षणों के बारे में...।
-लगातार खांसी आए
फेफड़े से जुड़ी किसी भी समस्या के दौरान पीड़ित को लगातार खांसी की शिकयत बन जाती है। खांसी एक प्रतिरक्षा प्रणाली है, जो जहरीले पदार्थों को बाहरी तत्वों से स्वसन यानी रेस्पिरेटरी नाली को साफ करती है। अगर किसी इंसान को काफी अधिक खांसी आ रही है, तो ये फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के संकेत हैं। बताना चाहेंगे कि लगातार खांसी बनी रहने से बुखार, डीस्पिनिया, म्यूकस में रक्त आदि की समस्या हो सकती है।
-सांस लेने में आवाज़ आए
अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में खरखराहट की आवाज आए, तो वह फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के संकेत हैं। ऐसी स्थिति में श्वसन मार्ग संकुचित होता है और उत्तकों में अत्यधिक स्त्राव, सूजन या म्यूकस के कारण सांस लेने में परेशानी होती है। इसे विजिंग भी कहते हैं, जो फेफड़ों की बुरी स्थिति की ओर संकेत करता है।
-खांसते समय खून आना
कई बार खांसी की समस्या ज्यादा होने पर फेफड़ों में खिचाव के चलते खांसी के साथ खून भी आने लगता है। इतना ही नहीं बल्कि खांसी के साथ खून का थक्का, म्यूकस के साथ खून भी आ सकता है। जब किसी इंसान को अत्यधिक खांसी आती है, तो फेफड़ों की गंभीर बीमारी की ओर संकेत हो सकता है, जिसे हम हीमोपटाइसिस कहते हैं। यह भी फेफड़े की गंभीर बीमारी का लक्षण हैं।
-सांस लेने में तकलीफ
अगर किसी व्यक्ति को फेपड़ों में तकलीफ के साथ सांस लेने में परेशानी हो, तो उसे रेस्पिरेटरी फेल्योर भी कहते हैं। इसमें फेफड़ों के सूजन धड़कन के ठहरने अत्यधिक संक्रमण या फेफड़े की गंभीर बीमारी के कारण हो सकता है। बता दें कि फेफड़े जब खून को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाते एवं कार्बन डाइऑक्साइड को सामान्य तौर पर नहीं हटा पाते, तो गंभीर समस्या होती है। ऐसे में सांस लेने में परेशानी होती है।
Published on:
28 Mar 2019 02:38 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
