
इस IPS अफसर ने
भोपाल। मध्यप्रदेश के आईपीएस और आईएएस अफसर नौकरशाहों से खफा हैं। पहले रस्तोगी दंपती के बाद छिंदवाड़ा के एसपी का दर्द छलका था, अब सीनियर आईएएस राजाबाबू ने भी अपने मन की भड़ास एक पत्र में निकाल दी है। हालांकि उन्होंने तबादले से परेशान होकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है, लेकिन पुलिस मुख्यालय में इस बात को लेकर चर्चाएं की जा रही हैं कि अब आईपीएस अफसर अपने विभाग के प्रमुख डीजीपी की बजाय मुख्य सचिव से तबादला रुकवाने की मांग करने लगे हैं। हालांकि उन्होंने डीजीपी के पीएसओ को इसकी प्रतिलिपी सूचनार्थ भेजी है।
दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में आईजी (सुरक्षा) का जिम्मा संभालने वाले राजाबाबू सिंह का हाल ही में तबादला हुआ है। पिछले 6 माह में यह उनका तीसरा तबादला है। बार-बार तबादले से आहत मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उन्होंने एक पत्र के जरिए दुख जाहिर किया है। उसमें उन्होंने मांग की है कि उनकी पोस्टिंग यथावत रखने की बात कही है।
MP में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की कमी
मध्यप्रदेश कैडर के IPS राजाबाबू ने अपने पत्र में यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल नहीं है, इसलिए वे यहां आना नहीं चाहते हैं।
डीजीपी को भेजी पत्र की कॉपी
राजाबाबू ने अपने पत्र की मूल प्रति तो मुख्य सचिव को भेजी है, जबकि इसकी प्रतिलिपी पुलिस मुख्यालय स्थित डीजीपी के पीएसओ को भेजी है। इसके अलावा दूसरी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री के मंत्रालय में ओएसडी आईपीएस आफिसर आदर्श कटियार को भेजी है।
बोले- परिवार परेशान है
उन्होंने सीएस को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले छह माह में तीन बार उनका तबादला हो चुका है। बार-बार तबादला होने से उनकी पारिवारिक जिंदगी में व्यवधान हो रहा है।
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में उनकी पीड़ा साफ झलक रही है। दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में आईजी (सुरक्षा) का जिम्मा संभाल रहे राजाबाबू को दो जुलाई को ही महानिरीक्षक विशेष सशत्र बल पदस्थ किया गया है।
तबादलों से व्यथित हूं
राजाबाबू के पत्र में पीड़ा स्पष्ट झलक रही है। वे खुद कह रहे हैं कि इस तरह से बार-बार तबादला किए जाने से वे व्यथित हैं। उन्होंने आगे लिखा है कि ऐसे बार-बार तबादलों से उनके पारिवारिक जीवन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
मेरी पोस्टिंग वापस हो
उन्होंने अपने पत्र में मांग की है कि मेरी पोस्टिंग यथावत रहने दी जाए। क्योंकि पिछले छह माह में तीन तबादले झेल चुका हूं।
मिल चुका है वीरता पुरस्कार
मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के पचनेही के रहने वाले हैं। उन्हें बुंदेलखंड क्षेत्र का गौरव मानते हुए वीरता के लिए पुलिस पद से सम्मानित किया जा चुका है। तब राजाबाबू भिंड में पुलिस अधीक्षक के तौर पर कार्यरत थे और उन्होंने कई दस्यु गिरोहों का साहसिक ढंग से सफाया कर दिया था।
यह भी संभाला जिम्मा
-भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में 1994 में चयन के बाद से राजाबाबू को कई जिलों में पुलिस अधीक्षक, रेंज डीआईजी व आईजी के रूप में जिम्मेदारी मिली।
-वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत-तिब्बत सीमा पर भी रह चुके हैं।
-उन्हें अरुणाचल प्रदेश में कमांडर के रूप में भी पदस्थ किया गया था।
तबादले पर एसपी गौरव तिवारी के भी छलके आंसू
उधऱ, छिंदवाड़ा के एसपी गौरव तिवारी का तबादला देवास ट्रांसफर कर दिया। कटनी एसपी अतुल सिंह को छिंदवाड़ा एसपी बनाया गया है। गौरव तिवारी आदेश आने के दो घंटे बाद ही कार्यमुक्त हो गए। ‘पत्रिका’ से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा छिंदवाड़ा में डेढ़ साल बहुत अच्छे रहे। छिंदवाड़ा के लोग बहुत अच्छे हैं। पुलिस ने जितनी भी मुहिम चलाई उनमें जनता का पूरा सहयोग मिला। इस बीच मंगलवार को सोशल मीडिया में गौरव तिवारी का भावुक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। ट्रांसफर के बाद गौरव तिवारी को विदाई देने के लिए लोग उनके दफ्तर पहुंचे। इस दौरान तिवारी इतने भावुक हो गए कि आंसू छलक पड़े।
सीनियर आईएएस दीपाली रस्तोगी भी परेशान
मध्यप्रदेश की सीनियर आईएएस अफसर दीपाली रस्तोगी भी नौकरशाहों की कार्यशैली को लेकर नाराज हैं। इस संबंध में उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में आर्टिकल भी लिखा था, जिस पर अब तक चर्चाएं चल रही हैं।
क्या लिखा है दीपाली ने
दीपाली ने लिखा है कि अच्छा IAS अधिकारी वही माना जाता है, जो नेता की इच्छा के अनुरूप काम करे। आदिम कल्याण विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी अपने बेबाक विचारों के लिए चर्चित रहती हैं।
-दीपाली ने यह भी लिखा है कि राजनीतिक आका के बोलने से पहले ही अफसर उसकी इच्छा जान ले, उसके अमल के लिए तैयार हो जाए।
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Published on:
04 Jul 2018 07:11 pm
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