
मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि भाजपा प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीत लीं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के बाद हिंदी बेल्ट वाले राज्यों में सबसे बड़ा क्लीन स्वीप वाला राज्य बन गया। कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाने वाली छिंदवाड़ा लोक सभा सीट भी कांग्रेस नहीं बचा सकी, यहां जीत का अंतर भी मामूली नहीं बल्कि, एक लाख से ज्यादा का रहा। ऐसे में मध्य प्रदेश में लोक सभा चुनावों को लेकर बनाई गई कांग्रेस की रणनीति पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठना लाजमी है। वहीं भाजपा ने हर स्तर पर एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखा और परिणाम सबके सामने हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं, एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटों पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत और काग्रेस की हार के 5 बड़े कारण...
1. भाजपा में संगठन और सत्ता का बेहतर तालमेल।
2. मोदी की गारंटी और प्रचार को पूरी तरह आत्मसात करना।
3. अंदरुनी तौर पर कोई कलह नहीं होना।
4. जाति-क्षेत्र के आधार पर नेताओं को तैनात करना।
5. मोहन यादव सरकार के अल्प कार्यकाल में कोई बड़ी चूक न होना।
1. राहुल गांधी के भाषणों के हिस्सों को प्रचार में शामिल नहीं करना।
2. घोषणा-पत्र की गारंटी व न्याय प्रचारित नहीं की।
3. पार्टी छोड़कर जाने वालों को गंभीरता से नहीं लेना।
4. प्रदेशाध्यक्ष-नेता प्रतिपक्ष में तालमेल का अभाव।
5. कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का अपने क्षेत्रों में ही सीमित रहना।
भाजपा के क्लीन स्वीप वाले राज्यों में मध्यप्रदेश (२9), नई दिल्ली (7), त्रिपुरा (2), उत्तराखंड (5), हिमाचल प्रदेश (4), अरुणाचल प्रदेश (2) और केंद्रशासित अंडमान निकोबार (1) हैं। मप्र इसमें सबसे बड़ा राज्य है। पिछले चुनाव में भाजपा ने गुजरात (29) और राजस्थान (25) में क्लीन स्वीप किया था।
Updated on:
05 Jun 2024 10:05 am
Published on:
05 Jun 2024 09:51 am
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