
madhyapradesh-mahamukabla-2018
भोपाल. भाजपा में 'एक अनार-सौ बीमारÓ जैसे हालात हैं। पार्टी की रायशुमारी और अंदरूनी सर्वे में ज्यादातर सीटों पर छह से अधिक नाम सामने आए हैं। ऐसे में कई के टिकट कटेंगे। पार्टी ने इससे पहले असंतोष थामने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे यह काम देख रहे हैं। पार्टी यह नसीहत भी दे रही है कि टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के उम्मीदवार के लिए काम करें। सरकार बनने पर हर नेता को काम दिया जाएगा।
- ध्रुव को स्टार प्रचारकों का काम, गोटिया को हवाई दौरे
भोपाल मध्य से दावेदारी कर रहे पूर्व विधायक धु्रवनारायण सिंह को भाजपा ने स्टार प्रचारकों के दौरों के समन्वय का काम दिया है। उन्हें प्रदेश कार्यालय में एक कक्ष और एक टीम भी दी गई है। स्टार प्रचारकों के दौरों का समन्वय करने का काम पूरे चुनाव में जारी रहेगा। इससे साफ संकेत हैं कि पार्टी ने धु्रव को टिकट नहीं देने का मन बना लिया है। धु्रव को 2013 में टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों ने भाजपा कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया था। उधर, पार्टी ने जबलपुर से टिकट की दावेदारी कर रहे विनोद गोटिया को नेताओं के हवाई दौरों का जिम्मा देकर प्रदेश कार्यालय में ड्यूटी लगाई है। यह काम भी प्रदेश कार्यालय में रहकर ही किया जा सकेगा।
- हर बैठक में सलाह
भाजपा की हर बैठक में नेता यह सलाह दे रहे हैं कि प्रत्याशी कोई भी हो हमें कमल के फूल और भाजपा को जिताने के लिए काम करना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजा अध्यक्ष राकेश सिंह भी पिछली कुछ बैठकों में यह नसीहत दे चुके हैं। सोमवार को विशेष महासंपर्क अभियान के दौरान भी कार्यकर्ताओं को यही नसीहत दी गई।
- बड़े नेताओं को बनाएंगे चुनाव प्रभारी
भाजपा ने हर विधानसभा सीट पर ऐसे बड़े नेता तलाशे हैं, जो टिकट की दावेदारी भी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं को टिकट न मिलने की स्थिति में उसी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रभारी बना दिया जाएगा। चुनाव प्रभारी के पास चुनाव में खर्च और प्रबंधन की पूरे अधिकार रहते हैं। वहीं हर संभाग में एक बड़े नेता को असंतुष्टों पर नजर रखने और उन्हें किसी न किसी काम से जोडऩे का जिम्मा दिया गया है। इस मामले में प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे का कहना है कि कार्यकर्ता अपनी बात रखने के लिए प्रदेश कार्यालय पहुंच रहे हैं, यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं है। उनकी बात सुनी जा रही है।
बॉक्स - जिनका कटेगा टिकट उनसे सीधे संवाद करेंगे शाह
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा के जिन विधायकों का टिकट कटेगा उनसे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सीधे बात करेंगे। इसका मकसद इनके बागी बनकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को कम करना है। शाह ने सोमवार को दोनों प्रदेशों के प्रभारियों को इससे अवगत करा दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में टिकट कटने वाले भाजपा विधायकों के समर्थकों ने जिस तरह से हंगामा किया, उसे देखते हुए पार्टी राजस्थान और मध्यप्रदेश में कोई खतरा मोल लेना नहीं चाहती। टिकट का मोह नहीं त्याग पाने और पार्टी की जड़ें खोदने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। शाह अपने संवाद ये साफ कर देंगे कि उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने सर्वेक्षण को ही प्राथमिकता दी है। तर्क के साथ बताया जाएगा कि उनका टिकट क्यों काटा गया है। जिन उम्मीदवारों के नाम सूची में शामिल हैं, उन्हें टिकट देने का आधार भी बताया जाएगा।
- बाहरी को टिकट पर बढ़ रहा असंतोष
नई दिल्ïली. कांग्रेस में विधानसभा चुनावों के टिकट वितरण से पहले असंतोष सतह पर आने लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने टिकट बंटवारे में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तरजीह देने का वादा किया था। उम्मीदवारों के पैनल में ऐसे लोगों के नाम भी आ रहे हंै, जो दूसरे दल छोड़कर आए हैं। ऐसे में पार्टी हाईकमान को असंतोष थामना मुश्किल हो रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस में यह बात फैल गई है कि खनन माफिया से जुड़े रहे लोगों को भी टिकट मिलेंगे। इस पर कई नेता और कार्यकर्ता तो प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के सामने नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
पन्ना, रीवा और बुंदेलखंड में दूसरे दलों से आए नेताओं को लेकर पार्टी में रोष है। रीवा में सपा से आए पुष्पराज सिंह को सेमरिया सीट से टिकट देने की बात चल रही है। इसका स्थानीय स्तर पर विरोध सामने आ रहा है। वहीं, बसपा में रहे महेंद्र वर्मा को पन्ना में टिकट देने की चर्चा है। दूसरी पार्टियों से आए महाराजपुर में चरण सिंह यादव, निवाड़ी में ब्रजेंद्र कुमार व्यास, रीवा में अभय मिश्रा, रेणु शाह, जीएल पटेल समेत 50 से ज्यादा नेताओं को टिकट देने की खबरों से कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई है।
Published on:
30 Oct 2018 05:03 am

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