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आइएएस ने लिखा, हनुमान पर कोहराम क्यों?

एसीएस मनोज श्रीवास्तव की एफबी पोस्ट वायरल  

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भोपाल. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानजी को दलित कहने के विवाद पर अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव की पोस्ट वायरल हो गई है। श्रीवास्तव ने फेसबुक पर तुलसीदास के एक दोहे के माध्यम से लिखा कि हनुमान को दलित कहने पर इतना कोहराम क्यों? उन्होंने फेसबुक पर बिना योगी के विवाद का उल्लेख किए लिखा है कि - वैसे, तुलसीदास ने तो विभीषण के सामने हनुमान से कहलवाया है कि वे बिना परम कुल यानी उच्च कुल के नहीं हैं। वे वानर हैं और जो सुबह उनका नाम लेता है, उसे दिनभर खाना नहीं मिलता। फिर भी भगवान राम ने उन पर कृपा की है। दोहे के माध्यम से हनुमान की बात कहने के बाद श्रीवास्तव ने अंत में लिखा- ऐसा कोहराम भी क्यों? उन्होंने यह भी लिखा कि इस पर उनकी किताब सुंदरकांड में विस्तृत लिखा है। सोशल मीडिया पर श्रीवास्तव की यह पोस्ट जमकर वायरल हुई। उनकी यह पोस्ट आइएएस अफसरों और राजनीतिज्ञों में वॉटसऐप पर खूब शेयर की गई। श्रीवास्तव से इस मामले में बात करने की कोशिश की, लेकिन वे भोपाल से बाहर थे। उनका मोबाइल फोन लगातार बंद मिला।
- ये पोस्ट लिखी
वैसे, तुलसीदास ने तो विभीषण के सामने हनुमान से कहलवाया
कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना। प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।। ***** मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर, कीन्हीं कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर॥
मेरी पुस्तक सुंदरकांड में इन पंक्तियों पर विस्तृत चर्चा भी है। तुलसी हनुमान के जरिए अपने समय के कुल-क्लेम्स को अपनी तरह से खंडित करते हैं।
सो ऐसा कोहराम भी क्यों हो।

- दोहे का भावार्थ
हनुमानजी विभीषण से कह रहे हैं, भला कहिए मैं ही कौन बड़ा कुलीन यानी उच्च जाति का हूं। चंचल वान हूं और सब प्रकार से तुच्छ हूं। सुबह जो हम लोगों का नाम ले, उसे दिनभर भोजन नहीं मिलता। हे सखा सुनिए, मैं अधम हूं। पर, राम ने तो मुझ पर भी कृपा की है। भगवान के गुणों का स्मरण करके हनुमान की दोनों आंखों में आंसु आ जाते हैं।
- हनुमान विवाद ऐसा, दिग्विजय कर चुके हैं कटाक्ष...
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को ही भाजपा का पांच सूत्रीय एजेंडा बताया था, जिसमें हनुमान का दलित कहने पर निशाना साधा था। दिग्विजय सिंह ने लिखा था कि भाजपा के एजेंडे में हैं कि हनुमानजी को भी जाति वर्ग में सीमित कर दो। इस पर दिग्विजय सिंह जमकर ट्रोल हुए थे। गौरतलब है कि योगी के हनुमान को दलित कहने पर पूरे देश में विवाद छाया हुआ है। इसे लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों से लेकर राजनीतिक दल तक आरोप-प्रत्यारोप के दौर चल रहे हैं। यहां तक कि योगी को इस मामले में कानूनी नोटिस तक भेजा गया है।