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विवादों में महावीर मेडिकल कॉलेज, बीजेपी के दिग्गज नेता सोसाइटी के अध्यक्ष

आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रयासों से जैन समाज के उपक्रम के तौर पर बनाई गई थी सोसाइटी और मेडिकल कॉलेज...> बीजेपी नेता जयंत मलैया हैं सोसाइटी के चेयरमैन...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 15, 2023

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भोपाल। मध्यप्रदेश के महावीर मेडिकल कॉलेज को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। इस कॉलेज को संचालित करने वाली सोसाइटी ही विवादों में आ गई है। रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी ने इसकी शुरू कर दी है। इस बीच पूरी सोसाइटी दो हिस्सों में बंट गई है और कॉलेज के मालिकाना हक को लेकर भी लड़ाई छिड़ गई है। खास बात यह है कि इस सोसाइटी के अध्यक्ष के तौर पर भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया काबिज हैं।


महावीर मेडिकल कॉलेज की स्थापना आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रयासों से हुई थी। कोशिश थी कि जैन समाज के सहयोग से एक बेहतर मेडिकल कॉलेज भोपाल शहर में शुरू हो, लेकिन सोसाइटी भी विवादों में आ गई है। इसके चेयरमैन भाजपा नेता जयंत मलैया हैं। इस सोसायटी की भी जांच शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि 15 मार्च तक सोसाइटी को अपना पक्ष रकना था, लेकिन सोसाइटी के सदस्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

सोसाइटी से बाहर हैं वास्तविक सदस्य

एमसीआई से मान्यता के लिए भी उस समय जैन समाज के प्रमुख लोगों ने प्रयास किया था। लेकिन, मान्यता मिलने के बाद से ही इसके संचालन को लेकर विवादों की स्थिति बन गई और वह अभी तक बनी हुई है। विवादों के बीच में रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी भी आ गया है। सूत्रों का कहना है कि अभी सोसाइटी के वह लोग शामिल हैं, जिन्हें अनाधिकृत तौर पर शामिल किया गया है। जबकि वास्तविक सदस्यों को बाहर कर दिया गया है।

जांच में नहीं कर रहे सहयोग

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच में अपना पक्ष रखने के लिए जयंत मलैया गुट को तीन बार नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक उन्होंने अपना पक्ष रखने का प्रयास नहीं किया है। 15 मार्च 2023 आखिरी बार पक्ष रखने का दिन था, लेकिन आज भी इस गुट ने अपना पक्ष नहीं रखा।

खींचतान में खत्म हो जाएगी मान्यता

महावीर मेडिकल कॉलेज को पिछले साल एमबीबीएस की सीटों की मान्यता नहीं मिली। इसके कारण कॉलेज का जीरो ईयर चला गया। अभी भी स्थितियां वही हैं, ऐसे में संकट बना हुआ है कि अगली बार भी मान्यता मिलेगी या फिर नहीं। आपसी खींचतान के चलते मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए जरूरी संसाधनों पर फिलहाल किसी का ध्यान नहीं है।

क्या कुर्की करेगी बैंक

कॉलेज पर बैंक की भी बड़ी रकम बकाया है, जिसके चलते कई बार विवाद की स्थिति भी बनी है। बैंक ने खाते से रकम निकालने पर भी कई बार रोक लगाई है। कहा जा रहा है कि राजनीतिक रसूख के चलते बैंक बड़ी कार्रवाई से पीछे हट रही है, लेकिन भविष्य में वह कार्रवाई करेगी।

पहले भी विवादों में रहा मेडिकल कॉलेज

पिछले साल जुलाई में भोपाल स्थित महावीर मेडिकल कॉलेज पर छापा भी पड़ा था। यह छापा मेडिकल काउंसिलिंग की टीम ने मारा था। तब ओपीडी और आईपीडी में पहुंचकर व्यवस्था देखी थी। तब काफी कमियां और अनियमितता उजागर हुई थी। बताया जाता है कि कई बार अस्पताल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजदूरों को किराए पर लाकर बैठा दिया गया था। इसमें मजदूरों के ही ओपीडी के फर्जी पर्चे बनाकर उन्हें कुर्सियों पर बैठा दिया गया था। जब मजदूरों को पैसे देने में वहां का प्रशासन आनाकानी करने लगा था तो मामला उजागर हो गया था। यह छापा उस समय पड़ा था, जब मेडिकल कॉलेज को थर्ड ईयर की मान्यता लेनी थी।

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