
भोपाल। सीबीएसई बोर्ड के निर्देशानुसार, स्कूलों को दाखिले के समय पूरी जानकारी सुनिश्चित करते हुए बच्चों के वैक्सीनेशन और इम्युनाइजेशन का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित करना होगा। न सिर्फ नियमों के आधारत पर ये रिकॉर्ड बनाना जरूरी है, बल्कि मौलिक आधारों पर भी शिक्षकों को विद्यार्थियों के प्रति यह जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. आरके यादव ने कोलार रोड स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में आयोजित सेमिनार में यह बात कही। हर साल, वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के तत्वाधान में 24 से 30 अप्रैल के बीच यह वीक मनाया जाता है। इस मौके पर शिक्षकों को बच्चों के वैक्सीनेशन और हेल्थ केयर से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से इस सेमिनार का आयोजन किया गया।
वैक्सीनेशन के मामले में पिछड़े प्रदेशों में है एमपी
डॉ. यादव ने बताया कि माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य दें। सरकार हर साल इम्युनाइजेशन के 90 लाख सत्र आयोजित करती है, फिर भी टीकाकरण का लाभ उठाने वाले बच्चों का प्रतिशत बेहद कम है। टीकाकरण के मामले में सबसे अधिक पिछड़े 5 राज्यों में मध्य प्रदेश भी शामिल है।
लर्निंग आउटकम की स्टूडेंट्स को मिलेगी प्रोग्रेस रिपोर्ट
राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से सभी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में लर्निंग आउटकम्स प्रोसेस चलाई जा रही है। इसके तहत स्कूलों में एनसीइआरटी का सिलेबस लागू किया गया है। यही वजह है कि अब स्टूडेंट्स को स्कूलों की ओर से एक प्रोग्रेस रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही उस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि स्टूडेंट्स ने एनसीइआरटी का सिलेबस पढऩे के बाद अपनी स्टडी में क्या बदलाव पाया।
इसकी एक कॉपी टीचर्स राज्य शिक्षा केंद्र को भी भेजेंगे। इसमें क्लास 1 से 7 तक के स्टूडेंट्स को शामिल किया गया है। इन क्लासों में पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और गणित विषय में एनसीइआरटी को लागू किया गया था। अब इन सब्जेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट टीचर्स को स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस के आधार पर बनानी होगी।
इस रिपोर्ट का फॉर्मेट हायर एजुकेशन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। टीचर्स रिपोर्ट का फॉर्मेट डाउनलोड कर स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस की रिपोर्ट भर सकते हैं।
Published on:
27 Apr 2018 06:11 pm
