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मकरसंक्रातिं पर सम्पन्न हुआ 51 दिवसीय पर्व मकरविल्लकू

- अय्यप्पा मंदिर में हुआ मुख्य कार्यक्रम,51 दिवसीय मकरविलक्कू पर्व सम्पन्न

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मकरसंक्रातिं पर सम्पन्न हुआ 51 दिवसीय पर्व मकरविल्लकू

मकरसंक्रातिं पर सम्पन्न हुआ 51 दिवसीय पर्व मकरविल्लकू

भोपाल. मकर संक्राति के साथ मनाया जाने वाला मलयाली समाज का मकरविलक्कू पर्व शुक्रवार को धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। मुख्य आयोजन अय्यपा मंदिर में आयोजित हुआ जहां दीपमाला जलाकर पूजन अर्चन एवं भजन के साथ पर्व मनाया गया।
शुक्रवार को दोपहर दो बजकर 12 मिनट पर जैसे ही सूर्य मकर संक्राति में प्रवेश किया, भगवान अय्यप्पा का घी से अभिषेक किया गया। इस पूजन-अर्चन के बाद शाम दीपआरती के साथ भगवान का फूलों से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान की पूजन हुई। दोपहर के सत्र में अभिषेक और पूजन के बाद शाम को एक बार फिर पूजन शुरू हई। इस दौरान भगवान को फूलों से सजाया गया और पूरे मंदिर परिसर में नयनाभिराम दीपमाला सजाई गई। मंदिर में फूलों से रांगोली सजाई गई, दीपमाला जलाकर पूजन की गई, मुख्य दीप आरती के साथ भगवान का फूलों से अभिषेक किया गया।

शाम को कई भक्त फूलों और कपूर की ज्योति से सजी थाली लेकर आए थे, इस पूजन थाली के साथ भक्तों ने तीन परिक्रमाएं देकर भगवान की पूजा की। इसके बाद भजन और प्रसाद वितरण हुआ।

51 दिवसीय मकरविलक्कू पर्व सम्पन्न
51 दिवसीय मकरविलक्कू पर्व की शुरुआत 15 नवम्बर से हुई थी, 12 वें दिन पर पहला पड़ाव पूरा हुआ जिसमें भगवान की फूलों की सजावट करने के साथ दीपमाला सजाकर पूजन-अर्चन की गई। इसके बाद बाद 41 वें दिन 26 दिसम्बर को दूसरा पड़ाव पूरा हुआ जिसमें भगवान की विशेष पूजा हुई। आखिर में 51 वें दिन 14 जनवरी को मुख्य पूजा के साथ पर्व सम्पन्न हुआ।

संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। पिछले वर्षों में जहां भजन कार्यक्रम रात तक होते इस वर्ष संक्रमण और 10 बजे से लगने वाले लॉकडाउन को देखते हुए केवल सवा घंटे भजन किए गए और आठ भजन समाप्त करके समय पर पूजन सम्पन्न कर दी गई।