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वर्षों से गायब हैं कई कर्मचारी, डॉक्टर ही कर रहे नर्सो का काम

हमीदिया अस्पताल का हाल कोरोना मरीजों की नहीं हो पा रही देखभाल, गैरहाजिर नर्सिंग स्टाफ पर नहीं हो रही कार्रवाई।

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भोपाल. कोरोना संकट में मरीजों को अस्पताल में बेड तक नहीं मिल रहे, अस्पताल में भी कर्मचारियों की कमी है। हमीदिया अस्पताल का भी यही हाल है, वहीं यहां दो दर्जन से अधिक नर्सिंग कर्मचारी कई साल से बिना सूचना गायब हैं। कई अधीक्षक और डीन बदल गए, लेकिन ये नर्सिंग कर्मचारी नहीं लौटे। अब डॉक्टरों को मरीजों की देखभाल और उपचार में परेशानी आ रही है। डॉक्टरों को नर्सिंग का काम भी करना पड़ रहा है।

ये हैं हमीदिया अस्पताल से गायब
अस्पताल के मुताबिक नर्सिंग कर्मचारियों में अवधेश कुमार, शालिनी चौरे, नीलिमा सोनी कई साल से नहीं आ रहे पिछले महीने मुख्यमंत्री सहित ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त को भेजी शिकायत में बताया गया था कि नसिंग अधीक्षिका द्वारा इयूटी से गायब रहने वाले नर्सिंग कर्मचारियों साथ आर्थिक लेनदान भी होता है। कई नर्सिंग कर्मचारी बाहर रहने के बावजूद उनका वेतन निकाला गया है। लंबे समय से गैरहाजिर नर्सिंग कर्मचारियों में शंकर कुमार, अपराजिता साहू, कल्पना चौरे, प्रियंका, मधु मसीह, रोशनी करोसिया, आयशा सिंह, सुचि स्मिता मिश्रा हैं। इधर, नीतू रजक, असीना थॉमस, रेखा सातनकर भी हैं।

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नर्सिंग कॉलेज बंद लेकिन ड्यूटी चालू
इसी तरह हमीदिया अस्पताल का एक दर्जन से ज्यादा स्टाफ नर्सिंग कॉलेज में ड्यूटी कर रहा है। हालांकि वर्तमान में नर्सिंग कॉलेज बंद है, इसके बावजूद कॉलेज में काम पर लगा नर्सिंग स्टाफ अस्पताल लौट कर नहीं आया। इसके साथ ही चार नर्सिंग स्टाफ को लेडी भोर अस्पताल में पदस्थ कर दिया गया। स्टाफ की कमी के चलते डॉक्टर से लेकर मरीजों तक को परेशानी हो रही है, लेकिन कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौट रहे हैं।

बर्खास्त नहीं किया
हमीदिया अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. आइ डी चौरसिया ने बताया कि कई कर्मचारी लंबे समय से गैरहाजिर हैं। हमने दो दर्जन नोटिस दिया था हमने नोटिस जारी किए थे, इनको बर्खास्त करने के लिए नर्सिंग कर्मचारियों को बर्खास्त करने लिखा गया। कुछ कर्मचारियों ने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को दो बार पत्र लिखा था, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुईं।

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हमीदिया अस्पताल के वर्तमान अधीक्षक डॉ. लोकेन्द्र दवे ने कहा कि कोरोना संकट काल में सबको मिलकर काम करना है। हमने सबके रोस्टर मंगाए हैं, किसने कितने दिन ड्यूटी की है। किसी व्यक्ति को लाभ नहीं दिया जाएगा।