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Notbandi: देश में फिर नोटबंदीः इस राज्य में हो चुकी है कई लोगों की मौत

notbandi- आरबीआई ने इस नोट को वापस लेने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया...>

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भोपाल

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Manish Geete

May 19, 2023

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देश में शुक्रवार को शाम को एक बार फिर नोटबंदी हो गई है। अब दो हजार रुपए का नोट चलन से बाहर हो जाएगा। आरबीआई ने इस नोट को वापस लेने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। इस फैसले का असर मध्यप्रदेश में भी पड़ेगा। इधर, फैसले ने एक बार फिर नोटबंदी की याद ताजा कर दी है। मध्यप्रदेश में तो नोटबंदी के कारण लाइनों में खड़े होने या कई लोगों को पैसा नहीं मिल पाने के कारण मौत हो चुकी है।

अब बाजार में 2000 रुपए का नोट नहीं दिखेगा। आरबीआई ने इस नोट को वापस लेने का फैसला लिया है। आरबीआई के फैसले के अनुसार 2000 रुपए का नोट सर्कुलेशन से वापस लिया जाएगा। हालांकि मौजूदा नोट अमान्य नहीं होंगे। क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार अब 2000 रुपए के नोट नहीं छपेंगे। rbi ने बैंकों को 23 मई से 30 सितंबर तक 2000 के नोट लेकर बदलने के निर्देश दिए हैं। एक बार में अधिकतम बीस हजार रुपए कीमत के नोट ही बदले जाएंगे। अब से ही बैंक 2000 के नोट इश्यू नहीं करेंगे। शुक्रवार शाम आरबीआई ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। नीचे लगे आदेश की कॉपी में आप आरबीआई के इस फैसले को आसानी से देख सकते हैं।

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एमपी में चले गई थी कई जानें

2016 में हुई नोटबंदी के बाद मध्यप्रदेश में कई लोगों की जानें भी चली गई थी। मुरैना में एक नोट न होने की वजह से दर्द से पीड़ित महिला ने फांसी लगा ली थी। नरिहाई इलाके की रेखा जौनवार का इलाज चल रहा था। उसकी दवा खत्म हो गई थी। वो दवा लेने गई तब नोट बंद हो गए थे। वो बीमारी की वजह से 500 और 1000 के नोट भी नहीं बदलवा पाई थी। इससे आहत महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

छतरपुर में किसान ने दे दी जान

छतरपुर जिले में भी 70 साल के किसान बोवनी करने से पहले ही नोटों को बदलवाना चाहता था। तीन दिन परेशान होने के बाद उसने अपने खेत में फांसी लगा ली थी।

लाइन में खड़े बुजुर्ग को आया था अटैक

नोटबंदी के कारण मध्यप्रदेश के हर जिले में बैंकों में नोट बदलवाने के लिए लाइन लगी थी। सागर के मकरोनिया क्षेत्र में यूनियन बैंक के एक रिटायर्ड बैंककर्मी को नोट बदलवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद हार्ट अटैक आ गया था। पीड़ित विनोद पांडे 70 साल के थे। वे तड़पते रहे और 108 एंबुलेंस पहुंची जब तक उनकी मौत हो गई थी। नोटों को बदलवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े लोग अपनी लाइन से हटना नहीं चाहते थे, लिहाजा उन्हें कोई अस्पताल लेकर भी नहीं दौड़ पाया।

एसबीआई कर्मचारी की मौत

एसबीआई भोपाल की नीलबड़ शाखा में कैशियर के पद पर पदस्थ 44 साल के पुरुषोत्तम व्यास की भी ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। उन्हें बेचैनी हुई और उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

छतरपुर में दुकान लूटी

नोटबंदी के दौरान छतरपुर में एक दुकान मालिक मुन्नीलाल अहिरवार ने पुलिस को शिखायत की थी कि ग्रामीणों के पास अनाज खरीदने के लिए नकद राशि नहीं थी, इसलिए ग्रामीणों ने दुकान से अनाज तक लूट लिया था।