27 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जन एजेंडे के तहत तैयार हुआ बैरसिया विधानसभा क्षेत्र का रोड मैप

विधानसभा क्षेत्र के लोगों, जन संगठनों और समूहों की बैठक...

4 min read
Google source verification
jan agenda

जन एजेंडे के तहत जनता ने बैरसिया विधानसभा क्षेत्र का तैयार किया रोड मैप

पत्रिका समूह के जन एजेंडा 2018-23 के तहत बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों, जन संगठनों और समूहों ने बैठक कर रोड मैप तैयार किया। क्षेत्र के विकास के मुद्दे तय किए।

स्वास्थ्य सुविधाएं: एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैरसिया में है। वहां कभी डॉक्टर नहीं मिलते तो कभी स्टाफ गायब रहता है। इसे सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त है, लेकिन सर्व सुविधायुक्त अस्पताल नहीं हो पाया है। इससे मरीजों को इलाज के लिए भोपाल रैफर करना पड़ता है।

रोजगार: यहां बेरोजगारी बड़ी समस्या है। लोगों का कहना है कि बैरसिया में ऐसा कोई उद्योग लाया जाए जिससे कि बेरोजगार लोगों को रोजगार मिले।

सड़कों पर अंधेरा: स्ट्रीट लाइट सिर्फ मुख्य मार्गों पर ही लगी हैं। अधिकांश कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट नहीं हंै। इससे लोगों को रात में काफी परेशानी होती है।

MUST READ : जनता ने तय किए नरेला विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे

पेजयल: पेयजल की समस्या गंभीर है। यहां कुछ ऐसे भी वार्ड हैं, जहां पेयजल की सुविधा अभी तक नहीं की गई है। इससे लोग निजी टैंकरों से पानी मंगाने के लिए मजबूर हैं।

खेल मैदान: यहां कोई सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान नहीं है। जो है उस पर साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है, इससे खिलाडि़यों को परेशानी होती है।

सब्जी बाजार: बैरसिया के रहवासी स्थायी सब्जी बाजार की मांग कर रहे हैं। इसके अभाव में सड़क पर लगने वाले सब्जी बाजार के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है।

पार्किंग: यहां पार्किंग नहीं है। बाजारों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जनता की मांग है कि यहां भी सर्वसुविधायुक्त मल्टीलेवल पार्किंग विकसित की जाए।

सफाई व्यवस्था: साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी पसरी रहती है। वार्डों से नियमित कचरा नहीं उठता। सफाई कर्मचारियों की कमी भी बड़ी समस्या है।

शैक्षणिक संस्थान: बैरसिया में अभी तक कोई भी बड़ा स्कूल और कॉलेज नहीं बन पाया है। इससे यह क्षेत्र शिक्षा में पिछड़ा हुआ है।

MUST READ :चेंजमेकर गोविंदपुरा विधानसभा, वक्त है अब बदलाव का

बुनियादी सुविधाएं: कॉलोनियों में सड़क और नालियों की व्यवस्था नहीं होने से भी रहवासी परेशान हैं। अंचल की सड़कें भी बदहाल हैं।

बुलंद हुई आवाज... तालीम, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा ही होंगे इस चुनाव के अहम मुद्दे
कहा अब तय हो... राजनीति करने के बजाय मुस्लिम महिलाओं को दिलाया जाए बाजिव हक

रोजगार-शिक्षा और स्वास्थ्य अहम मुद्दे
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का मुद्दा अहम है। युवाओं की संख्या सबसे अधिक है जो सभी धर्मों से हैं। इनके लिए शिक्षा और रोजगार मुहैया कराना ही देशहित में सबसे ज्यादा जरूरी है। मेरी नजर में जो बेरोजगारी को दूर करने का प्रयास करेगा, उसे ही समर्थन देंगे।
- अशफा यासीन, प्रोफेसर

तालीम और रोजगार कराएं मुहैया
महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए तालीम एवं रोजगार के इंतजाम करना प्रमुख मुद्दा है। इस दिशा में काम करने वाले को ही चुना जाए। बेहतर तालीम होगी तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। महिला सुरक्षा भी जरूरी है। जो इन सभी पर खरा उतरेगा उसे ही वोट दिया जाएगा।
- शबनम खान, काउंसलर

बुनियादी सुविधाएं देने वाले को देंगे वोट
सड़क-बिजली-पानी के लिए आमजन परेशान होते हैं। महिलाओं की सुरक्षा भी बड़ा मसला है। पिछले कुछ महीनों से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध बढ़े हैं। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो इन मुद्दों पर संजीदगी दिखाए। जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले को ही चुना जाएगा।
-अंजुम अरशद, गृहिणी

महिला सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम
तीन तलाक को लेकर शरीयत में जो दिया गया है, वह सही है। इससे छेड़छाड़ न की जाए। महिलाओं और लड़कियों के साथ जिस तरह के अपराध सामने आ रहे हैं, उनके मुताबिक सुरक्षा बड़ा मसला है। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो इस दिशा में प्रभावी कार्य
कर सके।
- नाज अजहर, समाजसेवी

सबके हक की बात करने वाला चाहिए
जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो जाति-धर्म में लोगों को बांटने के बजाय सभी के हक की बात करे। तीन तलाक को मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि सभी महिलाओं के हितों की बात की जाना चाहिए। तालीम और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने पर फोकस किया जाना जरूरी है।
- मोहिब अहमद, समाजसेवी

सभी घोषणाओं पर किया जाए अमल
मुस्लिम महिलाओं के बारे में सोचा जा रहा है, पर सिर्फ तलाक के मुद्दे पर। तलाक की नौबत ही नहीं आना चाहिए। महिलाओं को तालीम देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। जो प्रत्याशी इन मुद्दों को न केवल प्रमुखता से उठाएगा बल्कि इस दिशा में काम करेगा उसे ही समर्थन दिया जाना चाहिए।
- नाजिया खान, सामाजिक कार्यकर्ता

सभी वर्गों का समान विकास जरूरी है
महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही शिक्षित करना प्रमुख मुद्दा है। इसका असर घर, परिवार और समाज पर भी पड़ता है। हमारे हितों की बात करने वाले प्रत्याशी को ही चुना जाएगा, ताकि समाज के सभी वर्गों का समान विकास हो सके। योजनाएं सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित न रहें।
- अमीना बेगम, सामाजिक कार्यकर्ता

तीन तलाक पर बन सके एक राय
तालीम में सुधार होना चाहिए। जहां मुस्लिम आबादी है, वहां हालात खराब हैं। मदरसों में टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। तीन तलाक राजनतिक मुद्दा नहीं है। इस पर बने कानून पर एक राय होना जरूरी है। इससे काफी हद तक मुस्लिम महिलाओं की समस्या हल हो सकती हैं।
- साफिया अख्तर, कन्वीनर, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन