
भोपाल. दिवाली आते ही शहर में मावा की खपत बढ़ जाती है और इसी के साथ मिलावट भी। एक दिन पहले कबाड़खाना और मॉडल ग्राउंड से पकड़े गए 75 क्विंटल मावे के सैंपल रविवार को इंदौर लैब में जांच के लिए भेजे हैं। शनिवार को भोपाल में की गई जांच में मावे में मिलावट और यूरिया की पुष्टि हो चुकी है। यह तथ्य भी सामने आया है कि जिन लोगों के पास ये मावा पकडाया, वे शहर की करीब 400 दुकानों में सप्लाई करते हैं. विभाग को यहां बन रही मिठाइयों में भी मिलावट का अंदेशा है.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार पकड़ा गया मिलावटी मावा शरद पूर्णिमा के लिए आया था। इधर जनता भी अब मिलावट के विरोध में सामने आ चुकी है. राजधानी में मिलावटी मावे की मिठाइयों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान शुरु करने जा रहा है।
1 हजार दुकानों पर मावा
शहर में करीब 1 हजार दुकानों पर मावा बिकता है. इस बार भी मावा कारोबारी दीवाली के पहले ही मावा पहुंचा रहे हैं, जिससे ऐन वक्त पर सख्ती की वजह से मावा पकड़ा नहीं जाए। हाल ही में जो मावा पकड़ा गया है, वह जिन व्यापारियों के पास जा रहा था, वे शहर की चार सौ दुकानों पर मावा की सप्लाई करते हैं। ऐसे में उन दुकानों पर बिक रही मिठाई के सैंपल भी टीम लेगी। शरद पूर्णिमा के ठीक पहले हुई कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। लेकिन यह अलर्टनेस लगातार बाजार में दिखे तो जनता को मिलावट से मुक्ति मिले।
त्योहार पर मिलावटखोरी चरम पर पहुंच जाती है। अभी दिवाली त्योहार के लिए करीब-करीब 200 क्विंटल मावा आना बाकी है। ये अलग-अलग खेप में ग्वालियर, धौलपुर, मुरैना से आएगा। इसको लेकर विभाग को कड़ी निगरानी की जरूरत है।
इसको लेकर बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति के तत्वावधान में सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति के उमाशंकर तिवारी ने बताया कि मिलावट करने वालों को सरकार फांसी की सजा दे। तिवारी ने कहा कि आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक होती है मिलावट। मिलावट करने वाले पूरे देश और समाज को नुकसान पहुंचाते हैं।
Updated on:
11 Oct 2022 02:10 pm
Published on:
11 Oct 2022 02:05 pm
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