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राजधानी में 4 साल में बढ़े मानसिक रोगी, डिप्रेशन-स्ट्रेस बड़ा कारण

अधिक पढ़े-लिखे लोगों की बीमारी अब आमजन को भी घेर रही, कामकाजी युवा सबसे ज्यादा इसकी गिरफ्त में

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राजधानी में 4 साल में बढ़े मानसिक रोगी, डिप्रेशन-स्ट्रेस बड़ा कारण

स्ट्रेस इसका बड़ा कारण

भोपाल. राजधानी में साल दर साल मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। साल 2019 में हर माह जहां ढाई हजार के करीब मरीज हमीदिया, जेपी और एम्स अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे। वहीं साल 2023 में यह संख्या बढ़ कर 38 सौ से अधिक हो गयी। अकेले हमीदिया अस्पताल में ही 15 सौ के करीब मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि प्राय: अधिक पढ़े-लिखे लोगों में होने वाली यह बीमारी अब आमजन में भी हो रही है। डिप्रेशन ओर स्ट्रेस इसका बड़ा कारण है।
अवसाद में युवा पीढ़ी
खास बात यह है कि 18 से 24 वर्ष आयु समूह के 9.3 प्रतिशत युवा अवसाद और घबराहट से परेशान हैं। करीब एक चौथाई युवा आबादी किसी न किसी अवधि में अवसाद, बेचैनी, घबराहट के दौर से गुजरती है।