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जरा सी बात पर तलाक! मोबाइल फोन तोड़ रहा परिवार

काउंसिलिंग के दौरान भी समझौता करने को राजी नहीं होते, बढ़ रहे तलाक के मामलेछोटी-छोटी बातों पर हो रहे तलाक

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बढ़ रहे तलाक के मामले

भोपाल. घर की छोटे-छोटे मसले झगड़े में बदल रहे हैं और तलाक का रूप ले रहे हैं। लड़की के बार-बार मायके जाने, मां-बाप व अन्य घरवालों से घंटों बात करने की वजह से भी रिश्तों में दरार आ रही है। मामलों की शिकायत महिला पुलिस थाना पहुंच रही है। पिछले एक साल से तलाक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मोबाइल, तलाक की अहम वजह बन गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि पति-पत्नी के झगड़ों के पीछे कोई ठोस बड़े कारण नहीं हैं। मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल से लेकर ब्रेकफास्ट देर से बनना जैसे रोजमर्रा की चीजें अब आपस में सुलझा नहीं पा रहे हैं। तलाक के आने वाले 95 फीसदी मामले युवा पीढ़ी के हैं।

पांच साल से पहचान, शादी 5 महीने भी नहीं चली
प्रेमी-प्रेमिका ने पांच साल के रिलेशनशिप में साथ रहने के बाद शादी की लेकिन शादी 5 महीने भी नहीं निभा पा रही। लड़के का कहना है कि उसकी पत्नी मायके बहुत जाती है। जबकि लड़की का कहना है कि उसकी पति और ससुराल वाले अच्छे से नहीं रखते इसलिए मायके रहती हूं।

घर वालों से बात को लेकर आपस में भिड़े
कटारा हिल्स की 28 साल की महिला अपने पति से लड़कर महिला थाना पहुंची। आरोप है कि उसका पति उसके घरवालों से बात तक नहीं करने देते। कांउसंलिंग के दौरान पति ने कहा कि ये बहुत बात करती है। तब ही साथ रखूंगा जब ये सिर्फ मेरे सामने और मेरे फोन से मायके वालों से बात करेगी।

कुत्ता पालने का विवाद थाने तक पहुंचा
पत्नी डॉग पालना चाहती है। लेकिन पति नहीं चाहता था कि कोई भी जानवर घर में रहे। इसी बात को लेकर दोनों में हर रोज झगड़े होते थे। एक दिन इनसे तंग आकर पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। काउंसलिंग के बाद भी दोनों में समझौता नहीं हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल, तलाक की अहम वजह बन गया है. सीनियर कांउसलर रीता तुली बताती हैं कि आजकल के युवाओं में धैर्य नहीं है। रिश्ते सच्चाई और भरोसे पर चलते हैं। लेकिन एकदूसरे पर शक करना और अपने-अपने हिसाब से रिश्ते को चलाना, समझौते के लिए राजी न होना समस्या का कारण है। इससे बचने के लिए हर जोड़े को प्री.मैरिज काउंसलिंग करवानी चाहिए।