
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ( Mohan Government ) तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा गठित किए गए नए बोर्ड ( New Board ) और प्राधिकरण को बंद करने की तैयारी कर रही है। यही नहीं, घाटे में चल रहे निगम-मंडलों को भी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बंद किया जाएगा। इसी के तहत 46 निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्ड की नियुक्तियां निरस्त भी की गई हैं। कैग 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में ऐसे 72 में से 40 उपक्रम निष्क्रिय मिले हैं। अब लोकसभा 2024 की चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद यानी 5 जून से कभी भी इसपर कार्रवाई कर दी जाएगी।
मोहन सरकार का मानना है कि ऐसे निगम, मंडल और बोर्ड जिनसे शासन को या प्रदेश के नागरिकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है उन्हें बंद किया जाना चाहिए। वे संचालित होकर सिर्फ सरकार पर वित्तीय भार बढ़ा रहे हैं। इस मामले में निगम, मंडल और बोर्ड की जानकारी भी मांगी गई है।
बता दें कि, चुनावी साल में तत्कालीन शिवराज सरकार ने प्रदेश में चार नए बोर्ड का गठन किया है था। इसमें मध्य प्रदेश स्वर्ण कला बोर्ड, रजक कल्याण बोर्ड, विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड और तेल घानी बोर्ड शामिल हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने चारों बोर्डों के गठन के आदेश जारी किए थे।
Published on:
27 May 2024 10:50 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
