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1 लाख से अधिक विद्यार्थियों को अब भरनी होगी फीस, कोरोना काल में दी थी छूट

विद्यार्थियों ने जमा नहीं की फीस, विभाग ने यूजी-पीजी के एक लाख से अधिक स्टूडेंट को कोरोना काल में दी थी छूट

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भोपाल. स्नातक व स्नातकोत्तर में पिछले वर्ष प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट को अब फीस जमा करानी होगी. ऐसे एक लाख से अधिक छात्र.छात्राओं ने पिछले वर्ष की फीस भी जमा नहीं की हैै। हैरानी की बात तो यह है कि ऑडिट न होने के कारण उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं है कि पिछले वर्ष के कितने विद्यार्थियों ने फीस की दूसरी और तीसरी किस्त जमा की है।

कोरोना काल में दी थी छूट
प्रदेश में कोरोना के कारण बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को सिर्फ एक हजार रुपए ऑनलाइन फीस जमा कर एडमिशन लेने की छूट दी थी। विद्यार्थियों को शेष राशि दो किस्तों में जमा करना था लेकिन स्थिति यह है कि छात्र.छात्राओं ने एक हजार रुपए जमा कर एडमिशन तो ले लिया लेकिन फीस जमा नहीं की। उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के तहत 31 जनवरी तक यह राशि जमा करना था।

छात्रों को देना पड़ता है अतिरिक्त चार्ज
सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि उनकी एडमिशन फीस 1200 रुपए है। पूर्व में जारी आदेश के तहत उन्हें आधी फीस जमा करना थी जिसके तहत उन्हें 600 रुपए देना पड़ रहे थे लेकिन निजी कॉलेजों की मांग के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने आधी फीस का बंधन खत्म करते हुए एक हजार रुपए जमा कर एडमिशन लेने के आदेश जारी किए थे।

उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ धीरेंद्र शुक्ल के अनुसार विद्यार्थियों की फीस की जानकारी लेने के लिए प्राचार्यों से जानकारी मांगी जाएगी। यदि विद्यार्थियों ने फीस जमा नहीं की है तो प्राचार्यों पर कार्रवाई की जाएगी।