20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां के संक्रमित होने के बाद नर्सिंग स्टाफ निभा रहा ‘ममता का फर्ज’

नर्सें नवजात को संक्रमण से बचाने की कोशिश के साथ एक मां का फर्ज निभा रही है.....

2 min read
Google source verification
mothersday.png

Mother's Day

भोपाल। दुनिया में मां का रिश्ता सबसे अहम है। पीड़ा के बाद भी मां (Mother's Day) बनने का अहसास सुखद होता है। कोरोना काल में भी प्रदेश की महिलाओं का विशेष ख्याल रखा गया। 2020 में करीब 9 लाख महिलाओं ने सरकारी अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया। प्रदेश में पिछले पांच सालों में मातृ मृत्युदर में भी 15 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश पूरे देश में अव्वल है।

कोरोना में अनाथ बच्चों की मां बनी 'सरकार'

मदर्स-डे पर प्रदेश सरकार उन बच्चों की मां बनी है, जिन्होंने कोरोना महामारी में माता-पिता को खो दिया है। कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की देखभाल और भरण पोषण सरकार करेगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पॉन्सरशिप योजना शुरू की है। सबसे पहले ग्वालियर जिले में इसके तहत फिट फेसिलिटी केंद्र की शुरुआत की जा रही है।

MUST READ: यह है डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को जीवन देने वाली मां

नर्सें निभा रही हैं मां का फर्ज

राजधानी भोपाल के जेके अस्पताल के कोविड सेंटर में दो ऐसे नवजात भर्ती हैं, जो कोरोना संक्रमित नहीं हैं, बल्कि इनकी माताएं कोरोना संक्रमित हैं, जिसके चलते इनके जीवन की शुरुआत ही संक्रमित मरीजों के बीच हो रही है। ऐसे में चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ दोनों नवजातों को संक्रमण से बचाने की कोशिश में जुटे हैं। साथ ही मां का फर्ज भी निभा रही हैं।

दूसरे मामले में संक्रमित महिला की हाई रिस्क पर सर्जरी की गई। अस्पताल पहुंची आशा चौकसे कोरोना संक्रमित थीं। डिलेवरी सर्जरी से होनी थी। डॉ. प्रियंका वर्मा ने सर्जरी करके डिलेवरी करवाई। मां के संक्रमित होने के बावजूद बच्चा स्वस्थ्य रहा, जिसे मां को सौंपते हुए प्रसूता को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया गया। यहां पर भी नर्सें नवजात को संक्रमण से बचाने की कोशिश की जा रही है और पूरी तरह से एक मां का फर्ज निभा रही है।

मां की तरह दे रही हैं स्नेह

सुल्तानिया अस्पताल में शनिवार को एक महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। सुल्तानिया के इस वार्ड में नर्सिंग स्टाफ भी मां की तरह फर्ज निभा रही हैं। वे न सिर्फ मां का ध्यान रख रही हैं, बल्कि नवजातों को भी मां की तरह स्नेह दे रही हैं।