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हिमाचल की सबसे ऊंची चोटी फतह करने गया ट्रेकर भुस्खलन में फंसा, सरकार से लगाई मदद की गुहार

हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रियो पुर्जिल को फतह करने निकले भोपाल के विशाल टाके मराठा भूस्खलन और बाढ़ के कारण पिछले 4 दिनों से फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

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हिमाचल की सबसे ऊंची चोटी फतह करने गया ट्रेकर भुस्खलन में फंसा, सरकार से लगाई मदद की गुहार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले पर्वतारोही विशाल टाके मराठा इन दिनों हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रियो पुर्जिल को फतह करने निकले है। लेकिन, हिमाचल में हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण वो पिछले चार दिनों से वहां फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि, विशाल अपने 7 अन्य साथियों के साथ हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के अंतर्गच आने वाले एक गांव नाको में फंसे हुए हैं।


विशाल के अनुसार, वो लगातार खुद को रेस्क्यू करने के लिए प्रदेश के खेल संचालक समेत खेल मंत्री के पीए को भी फोन एवं मेल के जरिए जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अबतक उनकी मदद के लिए कहीं से कोई जवाब नहीं आया है। विशाल का कहना है कि, वो अपने साथियों को किसी तरह यहां से बाहर निकलने का इंतजार देख रहे हैं।

सिर्फ टूरिस्ट्स को ही निकालने में लगी है हिमाचल सरकार

मदद की गुहार लगाते हुए विशाल का कहना है कि, हिमाचल सरकार सिर्फ वहां फंसे टूरिस्ट्स को हेलिकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकालने में जुटी है, लेकिन पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने वालों की उसे कोई चिंता नहीं है। यही वजह है कि, उन्होंने अब वापस आने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि, एकाएक खराब मौसम के कारण विशाल 6816 मीटर ऊंची और बेहद खतरनाक रियो पुर्जिल तक नहीं पहुंच सके और अपने दल के साथ 6200 मीटर की ऊंचाई से ही वापस लौट आए हैं।

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फिर भी कर दिखाया एक कारनामा

हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक कारनामा जरूर अंजाम दे दिया। वे पहले ऐसे पर्वतारोही बन गए जो छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा अपने साथ 6000 मीटर की ऊंचाई तक ले गए। तय शेड्यूल के मुताबिक, विशाल 1 जुलाई को भोपाल से रवाना हुए थे और उन्हें 15 जुलाई को अपना सफर पूरा करके वापस भोपाल लौटना था, लेकिन इससे पहले ही इलाके में हुए भुस्खलन और बिगड़े मौसम ने उन्हें मुश्किल में फंसा दिया है।