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एमपी बजट पर कमलनाथ की एंट्री, बोले- ‘विश्वासघात वाला बजट’

MP Budget 2026: कमलनाथ ने BJP सरकार को घेरा, बोले- 3100 MSP और 3000 लाड़ली बहना योजना पर सन्नाटा, किसान, महिलाएं, युवा निराश, वादे गायब, बजट खाली

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भोपाल

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Manish Geete

Feb 18, 2026

mp budget 2026 kamal nath attack

मध्यप्रदेश के बजट पर पूर्व सीएम कमलनाथ की प्रतिक्रिया। (फोटो-पत्रिका)

MP Budget 2026: मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ बुधवार को भाजपा सरकार से नाराज नजर आए। बजट के बाद कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कमलनाथ ने इस बजट को 'विश्वासघात वाला बजट' करार दिया है। कमलनाथ ने यह भी कहा है कि सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए, जनहित के मुद्दे सफाचट हैं। नाथ ने कहा कि जो प्रमुख वादे जनता के साथ किए वो वित्तमंत्री के भाषण से गायब थे।

कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने बुधवार को पेश हुए एमपी बजट की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के जरिए दी। कमलनाथ ने कहा कि नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब हैं। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।

भाजपा ने किए थे यह 4 वादे

-किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल
-किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल
-लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हजार रुपए
-घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपए में।

एमपी की जनता को निराशा हुई

कमलनाथ ने आगे लिखा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है। इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया।

वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया

कमलनाथ ने आगे कहा कि वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है। इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हजार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है।