
भोपाल। प्रदेश के एमएसएमई से संबंधित औद्योगिक क्लस्टर से अब टीएनसीपी यानि नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय की भूमिका खत्म होगी। इसकी बजाय उद्योग आयुक्त के स्तर पर ही विकास योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी। वहीं सीएम स्वेच्छानुदान 200 करोड़ रुपए होगा।
ये प्रस्ताव आज मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखे जाएंगे। इसमें एमएसएमई के क्लस्टर के विकास अधिकार टीएनसीपी से लेकर उद्योग आयुक्त को देने का प्रस्ताव आएगा। अभी हर नक्शे को टीएनसीपी से स्वीकृत कराना होता है, लेकिन संशोधन के बाद उद्योग विभाग के स्तर पर ही विकास योजना को मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा सीएम स्वेच्छानुदान 200 करोड़ होगा। सीएम शिवराज ने विधानसभा में इसकी घोषणा की थी। अब इसके तहत ही यह प्रस्ताव लाया जा रहा है।
सोलर एनर्जी से लेकर आइटीआइ तक के प्रस्ताव
पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के कर्ज 467 करोड़ को पीएनबी से रीफाइनेंसिंग करने शासकीय प्रत्याभूति देने, ओंकारेश्वर सोलर प्लांट के टैरिफ अनुमोदन, कृषि अधोसंरचना निधि का संचालन, मुरैना में रूरल टेक्नोलॉजी पार्क के लिए अतिरिक्त पद, 23 विकासखंडों में नए आइटीआइ के अनुसमर्थन, राज्यपाल की निजी स्थापना में गुजरात के सेवानिवृत्त उपसचिव की संविदा नियुक्ति व बुदनी में नए चिकित्सा महाविद्यालय सहित अन्य प्रस्ताव आएंगे।
सियासी चर्चाएं संभावित
वर्तमान में नगरीय निकाय चुनाव चल रहे हैं, जबकि बीते शनिवार को ही जिला पंचायतों के नतीजे आए हैं। अब कैबिनेट के बाद अनौपचारिक चर्चा में सीएम मंत्रियों से चुनावी रणनीति पर भी चर्चा कर सकते हैं। इसके तहत मंत्रियों को चुनाव क्षेत्रों में सक्रिय किया जाएगा।
Must Read-
Published on:
28 Jun 2022 08:48 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
