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MP Election 2023: मतदान का सारा जिम्मा महिला मतदान दल के हवाले, लोकतंत्र का ये उत्सव महिलाओं के नाम

भोपाल संभाग में 15 वर्षों में 6 फीसदी महिला मतदाताओं की बढ़ी संख्या, महिला मतदाताओं के लिए यहां विशेष बूथ बनाए गए

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लोकतंत्र को मजबूत करने में अब वह दिन दूर नहीं, जब महिलाएं, पुरुषों की बराबरी में होंगी। मतदान प्रतिशत में महिलाओं की सहभागिता जल्द ही इस बात को सुनिश्चित करेगी। भोपाल संभाग अंतर्गत छह जिले विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, गुना और अशोकनगर में महिला मतदाताओं के ये आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह बात सिर्फ इन छह जिलों पर लागू हो रही है बल्कि पिछले तीन विधानसभा चुनावों में प्रदेशभर में महिला मतदाताओं की संख्या में 6 फीसदी से अधिक सुधार दर्ज किया गया है। इसका मतलब यह है कि साल दर साल समय बीतने के साथ ही महिलाओं में अपने मताधिकार के उपयोग को लेकर जागरुकता आई है।

बराबरी से मतदान करने पहुंच रहीं महिलाएं
चुनाव में मतदान को लेकर वोटर्स को जागरूक करने का अभियान धीरे-धीरे रंग लाता दिखाई दे रहा है। चुनाव आयोग की मानें तो पिछले चार चुनाव अर्थात 15 वर्षों में 6 फीसदी मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सफलता हासिल की गई है। इतना ही नहीं महिलाएं भी अब मताधिकार के उपयोग में पुरुषों से कहीं पीछे नहीं हैं। 2008 के विस चुनाव में जहां पुरुष एवं महिला मतदाताओं में मतदान प्रतिशत का गैप जहां करीब 6.39 फीसदी रहा वह अब घटकर 1.88 प्रतिशत के करीब आ पहुंचा है।

बढ़ रहीं महिला मतदाता
भोपाल संभाग में मतदान के मामले में महिलाएं काफी पीछे रहीं हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 20 साल पहले महज 62 फीसदी महिलाएं मताधिकार का उपयोग करती थीं। 2018 के चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 74.69 फीसदी के आसपास जा पहुंचा है। इतना ही नहीं पिछले चुनाव के बाद छह जिलों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सर्वाधिक 10—12 प्रतिशत की दर से महिला मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है।

ऐसे हुए प्रयास

- पिंक बूथ के साथ 2018 के विधानसभा चुनाव में पहली बार विशेष मतदान केंद्रों की अवधारणा साकार की गई। इसके अंतर्गत महिला मतदाताओं के लिए विशेष बूथ बनाए, जिसमें विशेष साज-सज्जा के साथ महिला मतदाताओं के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

- महिला मतदान केंद्र की अवधारणा के साथ चुनाव आयोग ने प्रत्येक जिले में ऐसे केंद्र स्थापित किए जहां पर ऐसे केंद्रों में मतदान का सारा जिम्मा महिला मतदान दल के हवाले किया है। इससे महिला कर्मियों में समानता के भाव के साथ उत्साह भी बढ़ा।

- घर बैठे मतदान की सुविधा प्रदान करने के साथ चुनाव आयोग ने दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं को इससे जोड़ा है। घर बैठे बनाए गए मतदान कराने की सुविधा में महिलाएं इससे विशेषतौर पर लाभांवित हुईं। इससे पहले इस श्रेणी में आने वाली महिलाएं ज्यादातर मतदान से वंचित होती थीं।

एक नजर
जिला 2023
1. गुना- 65,846
2. अशोकनगर - 48,902
3. रायसेन - 73,445
4. विदिशा - 69,738
6. सीहोर - 58,601
7. राजगढ़ 65,753
(2018 की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि।)

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