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फिर पलटा सट्टा बाज़ार, अब बन रही है कांग्रेस की सरकार

फिर पलटा सट्टा बाज़ार, अब बन रही है कांग्रेस की सरकार

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फिर पलटा सट्टा बाज़ार, अब बन रही है कांग्रेस की सरकार

भोपालः मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के बाद सूबे की जनता को अब सिर्फ 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना के दिन का इंतेज़ार है। यह दिन तय करेगा कि, आगामी पांच वर्षों के लिए किस पार्टी के हाथ में सत्ता की कमान होगी। हालांकि, प्रदेश में सक्रीय सभी राजनीतिक दल अपने अपने आंकड़ों के अनुसार, जीत का दावा भी करते देखे गए, जिसने जनता के बीच असमंजस बढ़ाया। इधर, जानकारों का मानना है कि, प्रदेश मुकाबला भाजपा बनाम कांग्रेस हुआ है। लेकिन खास बात यह है कि, कुछ लोग चोरी छुपे सट्टा बाज़ार के रुझान से भी चुनावी समीकरणो को मापते हैं। चौकाने वाली बात यह है कि, बुधवार को हुए मतदान के अगले दिन से सट्टा बाज़ार में कांग्रेस की जीत पर दाव लगाया गया था, लेकिन उसी के अगले दिन शुक्रवार की रात को अचानक सट्टा बाज़ार ने पलटी मारते हुए अपना मत भाजपा की झोली में डाल दिया। लेकिन, अब पत्रिका के सूत्रों से यह खबर मिली है कि, पार्टियों की हारजीत पर राजधानी भोपाल के सट्टा कारोबार में एक बार फिर पलटी मारी है और लोगों का रुझान फिर से कांग्रेस की जीत को लेकर बना है।

कांग्रेस को मिली दौबारा बढ़त

मतदान की शाम के बाद से गुरुवार की सुबह होते ही कांग्रेस की जीत ने सट्टा बाज़ार में अपनी बढ़त बनाई थी, तब से कांग्रेस की जीत पर ज्यादा पैसा लगाया जा रहा था। उस समय सट्टा बाज़ार बीजेपी को 96/98 सीट और कांग्रेस को 120/122 सीटें दे रहा था, लेकिन बुधवार को सट्टा बाज़ार में आए परिवर्तन हुआ, जिसके बाद बीते शुक्रवार से आज सुबह तक सट्टा बाजार में बीजेपी को 110 से 115 और कांग्रेस को 100-105 सीटों पर भाव मिलने लगा था। सट्टा बाज़ारियों के उस समय के अनुमान के अनुसार प्रदेश में भाजपा फिर से सरकार बनाने जा रही थी, लेकिन सोमवार को एक बार फिर अचानक बदले भाव से बदले राजनीतिक समीकरणों पर निगाह रखने वालों को एक बार फिर चौका दिया है। इस बार भी कांग्रेस को पहले की तरह 120 से 122 सीटें मिलने पर दाव लगाया जा रहा है। यानि सट्टा कारोबार के नज़रियो पर गौर किया जाए तो प्रदेश में कांग्रेस इन सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है और भाजपा को इस बार विपक्ष में बैठना पड़ेगा।

प्रत्याशी नहीं मान रहे ये गुणा-भाग

सूत्रों की माने तो, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस समय पार्टियों की जीत हार पर बढ़चढ़ सट्टा लगाया जा रहा है। इधर, सट्टा कारोबार पर नज़रें जमाए लोगों का कहना है कि, भोपाल की मध्य, दक्षिण-पश्चिम और गोविंदपुरा विधानसभा की सीट पर कांग्रेस की बढ़त पर सट्टा लगा है। वहीं, जिले की उत्तर और नरेल विधानसभा सीट पर सट्टा नहीं लगा है। यानि साफ है सट्टा बाज़ार में कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ अकील और बीजेपी प्रत्याशी विश्वास सारंग को जीता हुआ उम्मीदवार माना जा रहा है। हालांकि, यह भी सच है कि, सट्टा बाज़ार के इस गुणा-भाग को खुद प्रत्याशी ही मानने को राज़ी नही हैं। उनका मानना है कि, 'क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद तय करता है कि, जीत मिलेगी या नहीं। सट्टा बाज़ार तो वैसे भी अवैध है और जो खुद ही अवैध है उसपर कैसे विश्वास किया जा सकता है।'