
कांग्रेस से छह बार विधायक रहे रामनिवास रावत ने आखिर कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान जीतू पटवारी के हाथ में आने के बाद से रामनिवास भाजपा के संपर्क में थे। कमलनाथ के दल बदलने की अटकलों के बीच रामनिवास भी कांग्रेस छोडऩे को तैयार थे, लेकिन राजनीतिक हालात ने उनका साथ नहीं दिया। आखिर में मुरैना संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडऩे की मंशा पूरी नहीं होने के बाद पार्टी से मोहभंग हो गया था। पहले कार्यकारी अध्यक्ष पद छोड़ा फिर पार्टी हाईकमान के फैसले पर नाराजगी दिखाकर रावत ने अपने लिए भविष्य की संभावनाओं के संकेत दे दिए। श्योपुर जिले की दोनों विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में आने के बाद रामनिवास फिर कांग्रेस में अपने कद को लेकर चर्चा में आ गए थे। पिछला विधानसभा चुनाव हारने, लोकसभा में नरेंद्र सिंह तोमर से मात खाने के बाद भी वे श्योपुर जिले में ओबीसी वर्ग के बड़े नेताओं में शुमार थे। रावत समाज का प्रतिनिधित्व करते थे। पिछड़ों की राजनीति से भाजपा के लिए क्षेत्रीय स्तर पर चुनौती देते थे।
रामनिवास को माधवराव सिंधिया समर्थक माना जाता था। फिर भी वे ज्योतिरादित्य के नजदीक नहीं आ पाए। कांग्रेस में रहते दिग्विजय सिंह से उनकी अनबन जगजाहिर है। कांग्रेस की सरकार बनने पर भी राज्यमंत्री पद से तसल्ली करनी पड़ी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की दावेदारी की, लेकिन दिग्विजय और कमलनाथ से सहयोग नहीं मिला। प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी से नाम हटते ही नाराजगी सामने आ गई और भाजपा में रामनिवास के लिए रास्ते खुल गए। अपनी उपेक्षा को सार्वजनिक रूप से स्वीकारते हुए पार्टी के फैसलों पर अंगुली उठाते रहे। इस बीच राजनीतिक भविष्य की संभावना तलाश रहे थे। उनके परिवार का दबाव काम कर गया। भाजपा के विरोधी के तौर पर व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि रावत भाजपा से जुडऩे के पीछे वजह क्षेत्रीय विकास नहीं कर पाना बताते हैं।
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मुरैना संसदीय सीट की आठ विधानसभा में सबलगढ़ और विजयपुर में ओबीसी वर्ग के रावत वोटर निर्णायक होते हैं। करीब एक लाख वोटर में से आधे सबलगढ़ सीट पर विधायक सरला रावत के जरिए भाजपा के पाले में माने जा रहे थे। अब विजयपुर से रामनिवास के भाजपा में आने से इन पर भाजपा अपना हक मानकर चल रही है। बलबीर दंडौतिया को बसपा से लाकर ब्राह्मण वोटर को भी साधने का प्रयास किया है। इस तरह क्षत्रिय वोट में बंटवारे से नुकसान की भरपाई की संभावना जताई जा रही है।
Updated on:
01 May 2024 09:36 am
Published on:
01 May 2024 09:00 am
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