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MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने वित्तीय संकट का हल निकालने के लिए पार्टी की नई योजना बताई। उन्होंने कहा कि ब्लॉक अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी हर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए की सहयोग राशि एकत्रित करें। इस राशि का उपयोग प्रदेश या एआइसीसी द्वारा नहीं किया जाएगा। इसका उपयोग जिला और ब्लॉक स्तर पर ही कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और संगठन को मजबूत बनाने में किया जाएगा। यह प्रस्ताव एआइसीसी को मंजूरी के लिए भेजा गया है। जब पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे तो उनका परिवारों के साथ जुड़ाव भी बनेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 साल से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है, इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन शुक्रवार को भोपाल के रविंद्र भवन में शुक्रवार को आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, डॉ. गोविंद सिंह, सुखदेव पांसे, विजयलक्ष्मी साधौ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सम्मेलन में नहीं पहुंचे।
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इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि 25 अप्रेल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे। 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा। जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।
हरीश चौधरी ने कहा कि कनेक्ट सेंटर की व्यवस्था के तहत संगठन की सभी बैठकों और उनमें शामिल लोगों की सूची अनिवार्य रूप से भेजी जाए। यदि कोई पदाधिकारी बैठक में शामिल नहीं होता है, तो इसमें पदाधिकारियों को अपनी तरफ से कुछ नहीं कहना है, सिर्फ इसकी जानकारी कनेक्ट सेंटर को देना है। इसके बाद पार्टी उनके बारे में फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर का पदाधिकारी हो, उसे अपने क्षेत्र की बैठकों में शामिल होना अनिवार्य है। चौधरी ने कहा कि अभी जिला अध्यक्षों के कामकाजी की समीक्षा चल रही है। छह महीने बाद ब्लॉक अध्यक्षों के काम की समीक्षा होगी और उसी आधार पर तय किया जाएगा कि वे आगे जिम्मेदारी निभाएंगे या नहीं।
सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों को भी प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने बोलने के लिए आमंत्रित किया, उन्होंने साफ कहा कि स्तुति गान नहीं उन्हें समस्याएं बताएं। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों ने कहा कि जब पार्टी के बड़े नेताओं के दौरे होते हैं तो वे बड़े नेताओं के यहां जाते हैं, छोटे कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। इससे मनोबल गिरता है। इसके साथ आर्थिक समस्या का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि जिलों के जो नेता पार्टी के बड़े नेताओं जैसे दिग्विजय सिंह, कमलनाथ आदि से जुड़े हैं वे बैठकों में नहीं आते हैं। जबकि टिकट के लिए वे ही सबसे ज्यादा दावेदारी करते हैं। जिले की बैठक भी एक ही जगह न होकर अलग-अलग विधानसभाओं में होना चाहिए।
Published on:
17 Apr 2026 10:32 pm
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