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MP News:मध्यप्रदेश के तहसील कोर्ट में अटके नामांतरण के मामलों का निपटारा करने में साल भर तक का समय लगता था, लेकिन अब राज्य सरकार इस समस्या को जल्दी हल करने की दिशा में कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल के शुरूआत से ही यह प्रयास शुरू किये थे कि पेंडिंग नामांतरण के मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए। इसके तहत 15 नवंबर से राजस्व महा अभियान 3.0 की शुरुआत की जा रही है, जो 15 दिसंबर तक चलेगा।
इससे पहले दो बार महा अभियान चलाया जा चुका है, जिसमें 2 लाख 71 हजार 636 नामांतरण मामलों का समाधान किया गया था। अब भी 55 जिलों की 428 तहसीलों में 2 लाख 31 हजार 595 नामांतरण के मामले पेंडिंग हैं। राजस्व न्यायालयों में इन मामलों का पेंडिंग रहना विवादों का कारण बन रहा है, और इन्हें सुलझाने में राजस्व विभाग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार ने महा अभियान की शुरुआत की है ताकि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जा सके।
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जानकारी के अनुसार साइबर तहसीलों के गठन के बाद से नामांतरण के मामलों का निराकरण करना बहुत सरल और सुविधाजनक हो गया है। इन साइबर तहसीलों के गठन से 15 दिनों में विवादित मामलों में लगभग 74,968 मामले और अविवादित मामलों में 18 लाख 20 हजार 271 मामलों का समाधान किया जा सका है। अब तक प्रदेश की 428 तहसीलों में कुल 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
विवादित नामांतरण मामले
कुल मामले - 80,199
पेंडिंग मामले - 5,231
निराकरण मामले - 74,968
अविवादित नामांतरण मामले
कुल मामले - 20,46,635
पेंडिंग मामले - 2,26,364
निराकरण मामले - 18,20,271
Published on:
14 Nov 2024 04:39 pm
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