30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आज एमपी रचेगा इतिहास, सीएम देंगे ‘बारामासी नदियों की अनूठी सौगात’

MP News: जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 'सदानीरा समागम' का शुभारंभ आज, राजधानी भोपाल में जुटेंगी 200 से ज्यादा हस्तियां, देशभर में ऐसा आयोजन पहली बार, एमपी को मिलेंगी बारामासी बहने वाली नदियों की सौगात...

2 min read
Google source verification
MP News

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सदानीरा समागम का शुभारंभ आज, सीएम मोहन यादव एमपी को देंगे बड़ी सौगात (फोटो सोर्स: एक्स)

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सदानीरा समागम का शुभारंभ करेंगे। ये कार्यक्रम भारत भवन में शाम 6 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। समागम की शुरुआत ऋषिकेश पांडे निर्देशित लघु फिल्म 'सदानीरा' के लोकार्पण से होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीर भारत न्यास, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् तथा मध्यप्रदेश जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों सदानीरा, पृथ्वी पानी का देश है…, अमृत जलधारा (चार खंड) व 'जल धरा' का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

देश में पहली बार ऐसा कार्यक्रम, एमपी में एकजुट होंगी 200 से ज्यादा हस्तियां

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्या‍सी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि सदानीरा समागम देश में ऐसा अकेला समारोह है जो नदियों, जलस्रोतों, जल संरचनाओं को संवर्धित एवं संरक्षित करने के लिए विविध गतिविधियों से भरा है। यही नहीं इसकी खासियत ये भी है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब किसी कार्यक्रम में 200 से ज्यादा हस्तियां एक साथ शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में साहित्य, कला व विज्ञान सहित अनेक माध्यमों के लगभग 200 से ज्यादा वैज्ञानिक, पुरातत्वविद, साहित्‍यकार, लेखक, पत्रकार, सिने अभिनेता और नाट्य कलाकार सहभागी बनेंगे।

केवल उत्सव नहीं है ये समवेत प्रयास

न्यासी सचिव का कहना है कि सदानीरा समागम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी नदियों, जलसंस्कृति और जीवनदायिनी जलधाराओं के प्रति कृतज्ञता और जागरुकता का एक समवेत प्रयास है। यह आयोजन नदियों को मात्र भौतिक जलस्रोत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक आधार और लोकचेतना के रूप में प्रस्तुत करने का सशक्त संदेश देने वाला होगा।

ये भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज नहीं आएंगे, एमपी दौरा रद्द

ये भी पढ़ें: इंदौर से गाजीपुर तक बुर्के में रही सोनम, 90 दिन में चार्जशीट पेश करेगी मेघालय पुलिस


Story Loader