
एमपी के स्पेशल डीजी (प्रबंध) और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी आलोक रंजन को राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का निदेशक बनाया गया है। वे मध्यप्रदेश कैडर के 1991 बैच के अफसर हैं। सेवानिवृत्ति 30 जून 2026 तक के लिए जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि आलोक अपने बैचमेट विवेक गोगिया का स्थान लेंगे।
एनसीआरबी देशभर में अपराध के आंकड़ों का संग्रहण और प्रकाशन करता है। हाल ही में लागू किए गए तीन नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन में इस संस्था की अहम भूमिका है, जो एक जुलाई से नए स्वरूप में लागू हुए हैं। आलोक रंजन की नियुक्ति से अब उम्मीद जताई जा रही है कि वह अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए एनसीआरबी की कार्यप्रणाली में सुधार और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
आलोक रंजन की जगह अब एडीजी तकनीकी सेवाएं योगेश मुद्गल को पदोन्नत कर स्पेशल डीजी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। योगेश मुद्गल को तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। इस बदलाव से पुलिस विभाग में नए सिरे से ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है। ताकि अपराध की रोकथाम और डेटा प्रबंधन को और अधिक सशक्त किया जा सके।
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Updated on:
23 Sept 2024 04:21 pm
Published on:
23 Sept 2024 08:51 am

