
MP Police meditation (photo:FB)
MP Police Meditation: पुलिस की कार्यशैली में 'संवेदनशीलता' और 'मानसिक शांति' 'शामिल करने नया प्रयोग किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को तनाव से मुक्त रखने 21 दिसंबर, 'विश्व ध्यान दिवस' के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस एक साथ ध्यान करेगी। 21 दिसंबर 'विश्व ध्यान दिवस' के मौके पर रात 8 बजे से 8.30 बजे तक राज्य के सभी थानों, बटालियनों और पुलिस कार्यालयों में 50 हजार से ज्यादा जवान और अधिकारी एक साथ ऑनलाइन माध्यम से ध्यान करेंगे। फील्ड ड्यूटी के दबाव और परिवार से दूरी के कारण पुलिसकर्मी मानसिक रोगों का शिकार हो जाते हैं।
विभाग का मानना है कि यह 20 मिनट का सामूहिक मौन न केवल विश्व शांति की कामना है, बल्कि जवानों के भीतर की उथल-पुथल को शांत करने का एक सशक्त माध्यम भी है। इससे पुलिस की छबि सुधरने के साथ ही तनाव से मुक्ति मिल सकेगी। यह मध्यप्रदेश पुलिस की खुशहाली का माध्यम बन रहा है।
पुलिसकर्मियों को सुकून के पल देने के लिएप्रदेश के हर थाने में एक विशेष 'मेडिटेशन रूम' तैयार किया जाएगा।
संडे स्पेशल 'आधा घंटा'
जनवरी-फरवरी से हर रविवार सुबह 10 बजे 30 मिनट का अनिवार्य ध्यान सत्र आयोजित होगा। जवान जहां तैनात हैं, वहीं से इस सत्र का हिस्सा बन सकेंगे।
अब तक 80 ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं, 36 ट्रेनर इसी महीने ट्रेनिंग लेने जा रहे हैं। जल्द ही यह संख्या 500 से 1000 तक पहुंचाई जाएगी, ताकि हर इकाई में एक 'मेडिटेशन मास्टर' उपलब्ध हो।
यह ध्यान प्रक्रिया पूरी तरह से सरल और धर्मनिरपेक्ष है, ताकि हर समाज और वर्ग का पुलिसकर्मी इसे आसानी से अपना सके।
Updated on:
20 Dec 2025 10:26 am
Published on:
20 Dec 2025 10:26 am
