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पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को पढ़ाई कराने पीएचक्यू के निर्देश

अब फोरेंसिक की पढ़ाई करेगी एमपी पुलिस, पीएचक्यू ने सभी पुलिस इकाइयों को दिए निर्देश

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भोपाल. मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों को अब आपराधिक मामलों को वैज्ञानिक तरीके से सुलझाने के लिए पढ़ाई करने के निर्देश दिए गए हैं। PHQ ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फोरेंसिक और पुलिस साइंस की पढ़ाई के लिए उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में फोरेंसिक और पुलिस साइंस में एडमिशन ले सकेंगे। इस संबंध में पीएचक्यू ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को पत्र भी भेजा है।

उज्दैन के विक्रम विश्वविद्यालय में बीए पुलिस साइंस और बीएससी एवं एमएससी फोरेंसिक साइंस कोर्स के लिए एडमिशन चल रहे हैं। फोरेंसिक साइंस के इस कोर्स में अपराधों का वैज्ञानिक विश्लेषण जैसे मनोविज्ञान निदान, कानून, न्याय, अपराध विज्ञान, गुणवत्ता विश्लेषण और नियंत्रण, डेटा एनालासिस, जैव सूचना विज्ञान, शिक्षण, प्रयोगशाला प्रलेखन से संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण, क्राइम सीन का विश्लेषण और उन्नत निदान तकनीकी शामिल किया गया है।

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इस कोर्स में नवीन प्रशिक्षण के किट, उन्नत उपकरणों और उनका उपयोग करना सिखाया जाएगा। इसमें पुलिस अपराधों को साबित करने के लिए सबूतों किस तरह से जांच करे इनमें फिंगरप्रिंट और डीएनए एनालाइसिस, विष विज्ञान परीक्षण, लिखावट और क्राइमसीन का विश्लेषण, अनुवांशिक संबंधों का इंवेस्टीगेशन करना पढ़ाया जाएगा। जिससे अपराध की प्रकृति और अपराधियों की पहचान की जा सके।

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हालांकि गृह विभाग के अंतर्गत फोरेंसिक विभाग भी है जो किसी भी अपराध का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण, सबूतों का संकलन करता है। इसके बाद भी यदि पुलिसकर्मी इस विषय का ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं तो अपराध होने के बाद सबूतों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाई जा सकेगी।