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अमित शाह के शब्दों को लेकर कांग्रेस नेता ने जताया एतराज

दो दिन पहले उमा भारती ने भी भाजपा और कांग्रेस नेताओं को दी थी शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखने की नसीहत...।

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 21, 2023

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चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप में शब्दों की मर्यादा का मुद्दा तूल पकड़ने लगा है। भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे के नेताओं पर रावण, हत्यारा, राक्षस, खून का सौदागर, गद्दार, बंटाढार, करप्शननाथ और भ्रष्टनाथ जैसे शब्दों से हमला कर रहे हैं। भोपाल आए अमित शाह ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर ऐसे ही शब्दों से हमला किया था। इस पर अब कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने ऐतराज जताया है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह (laxman singh) बड़े भाई के समर्थन में उतर गए हैं। इस बार उन्होंने बार-बार अपने बड़े भाई को 'बंटाढार' कहने पर आपत्ति व्यक्त की है। साथ ही कमलनाथ को भी 'भ्रष्टनाथ' कहने पर अमित शाह को नसीहत दी है। इससे दो दिन पहले ही उमा भारती (uma bharti) ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की दलों के कार्यकर्ताओं को शब्दों की मर्यादा और एक-दूसरे का आदर रखने की बात कही थी।

तीन माह बाद मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है, भाजपा की ओर से बार-बार दिग्विजय सिंह को बंटाढार और कमलनाथ को भ्रष्टनाथ कहने पर ऐतराज है। रविवार को भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी बार-बार इन्हीं शब्दों से दिग्विजय और कमलनाथ को संबोधित कर रहे थे। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि अमित शाहजी बार-बार कमलनाथ को भ्रष्ट और दिग्विजय सिंह को बंटाधार कहते हैं। माननीय गृहमंत्री जी, कमलनाथजी पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है और दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में भाजपा को दो बार हार का सामना करना पड़ा तो वे बंटाधार कहां से हो गए?

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस कमलनाथ के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात कहती है। ऐसे में भाजपा के नेता कमलनाथ की घेराबंदी में जुट गए हैं। भाजपा नेता कमलनाथ को भ्रष्टनाथ कहने लगे हैं, वहीं कुछ नेताओं ने उन्हें कलंकनाथ तक कह दिया है। वहीं भाजपा कमलनाथ के 15 माह के शासनकाल को भ्रष्टाचार का दौर बताते हुए प्रचारित करती है।

दिग्विजय को कहती है 'मिस्टर बंटाढार'

मध्यप्रदेश में लगातार दस साल तक कांग्रेस की सरकार चलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भाजपा आज तक 'मिस्टर बंटाढार' कहकर प्रचारित करती है। बीजेपी बखूबी जानती है कि यदि वो कांग्रेस के इन दोनों दिग्गजों पर हावी होने में कामयाब हो जाएगी तो भाजपा के लिए अगले चुनाव में जीत आसान हो जाएगी। इन शब्दों के प्रयोग को बीजेपी की रणनीति के रूप में भी देखा जाता है।

उमा भारती ने भी दी थी नसीहत

दो दिन पहले मंडला दौरे पर उमा भारती ने भी राजनीति में भाषा का स्तर गिरने पर चिंता जाहिर की थी। उमा ने कहा था कि मैं चाहती हूं कि आने वाले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप लगाने में आदर का ख्याल रखें। उमा ने कहा कि मैं स्वयं दिग्विजय सिंह को दादा भाई कहती रही और वे मुझे छोटी बहन कहते रहे। लेकिन एक बार गलती से मुझ पर रिमार्क कर दिया, तो उन्हें बहुत पश्चाताप हुआ। इसके बाद उन्होंने खुलेआम प्रेस कांफ्रेंस करके माफी भी मांगी थी। इसी प्रकार भाजपा कार्यकर्ताओं को भी उमा भारती ने संयम बरतने की सलाह दी है।

मोदी को गाली देने वालों पर बोली बात

उमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियां देने वालों के लिए भी बात कही। उमा ने कहा कि मोदी को रावण, हत्यारा, राक्षस, खून का सौदागर समेत क्या-क्या नहीं कहा गया। भारत के सबसे ज्यादा इंटालरेंस का शिकार कोई नेता हुआ है तो वो मोदीजी हुए हैं। अधैर्य और विपक्ष के असभ्य बर्ताव का यदि कोई शिकार हुआ है तो वे मोदीजी हैं। आज तक भारत के राजनीतिक इतिहास में पीएम को इतनी गालियां नहीं दी गईं। इतना अपमान किसी का नहीं हुआ जितना मोदीजी का हुआ है। लेकिन जिन्होंने भी उनका अपमान किया है अंत में वे कहीं के भी नहीं रहे और मोदीजी दिनों दिन आगे बढ़ते रहे।

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