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एमपी में पीक आवर्स में भी 3 घंटे बिजली मिलेगी, नहीं पड़ेगी कमी, अरुणाचल प्रदेश से 252 मेगावाट का करार

252 MW electricity from Arunachal Pradesh- मध्यप्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। घरेलू और औद्योगिक के साथ ही कृषि क्षेत्र में भी बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि हो रही है।

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MP will take 252 MW electricity from Arunachal Pradesh

MP will take 252 MW electricity from Arunachal Pradesh- image jansampark mp

252 MW electricity from Arunachal Pradesh- मध्यप्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। घरेलू और औद्योगिक के साथ ही कृषि क्षेत्र में भी बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि हो रही है। बिजली की मांग में वृद्धि को देखते हुए चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक प्रदेश में 20000 मेगावाट बिजली की मांग का आकलन किया गया है। आने वाले सालों में इस मांग में लगातार बढ़ोत्तरी होगी। बढ़ती डिमांड की तुलना में उत्पादन कम होने से बिजली संकट उत्पन्न होने का खतरा है। इसे खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अरुणाचल प्रदेश से बिजली लेने का करार किया है। इसके अंतर्गत भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अरुणाचल प्रदेश से केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आवंटित 252 मेगावाट बिजली लेने का समझौता किया गया है। समझौते में प्रदेश में पीक आवर्स में भी करीब 3 घंटे बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में शुक्रवार को अनुबंध पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी (एमपीपीसीएल) और एनएचपीसी के मध्य हस्ताक्षर हुए। दोनों पक्षों में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक राकेश ठुकराल और एनएचपीसी के महाप्रबंधक ओंकार यादव ने हस्ताक्षर किए। अनुबंध के आधार पर एनएचपीसी की अरुणाचल प्रदेश के लोअर दि बांग वैली जिले में स्थित बहुउद्देशीय जल विद्युत परियोजना से मध्यप्रदेश को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आवंटित 252 मेगावाट बिजली मिलेगी।

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एमपी में भविष्य में बिजली की मांग को देखते हुए यह अनुबंध महत्वपूर्ण है। प्रदेश में घरेलू और औद्योगिक आवश्यकताओं के साथ ही कृषि क्षेत्र में बिजली की खपत लगातार तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले सालों में बिजली की डिमांग में वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश से बिजली खरीदने का निर्णय लिया गया है।

अधिकतम मांग की अवधि में 3 घंटे बिजली मिलेगी

समझौते के अंतर्गत प्रदेश को पर्याप्त बिजली प्राप्त होगी। रबी के महीनों में अधिकतम मांग की अवधि के दौरान 3 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली सप्लाई होगी। बाकी समय में भी करीब 9 से 19 घंटे तक की मांग को पूरा कर सकेगी।