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MP News: नगर निगम ने अब विभागीय फाइलों और रिकॉर्ड को बाहरी व्यक्तियों के साथ साझा करने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। अपर आयुक्त ने 21 नवंबर को नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर यह आदेश जारी किया है, जिसे मंगलवार को सभी विभागाध्यक्षों और जोनल अधिकारियों को सर्कुलेट किया गया।
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि असिस्टेंट ग्रेड-2, ग्रेड-3 या किसी भी नियमित कर्मचारी ने अनाधिकृत रूप से दस्तावेज साझा किए, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले में महापौर मालती राय का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी भी आदेश के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पारदर्शिता पर जोर देने के इस दौर में प्रतिबंध को प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं विपक्ष का आरोप है कि यह कदम आंतरिक प्रक्रियाओं को सार्वजनिक जांच से बचाने की कोशिश हो सकता है।
निगम की नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि निगम कोई बड़ा भ्रष्टाचार छिपाना चाहता है, इसीलिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
यह आदेश तब आया जब यह शिकायतें मिलीं कि निजी ठेकेदार और एक्टिविस्ट की आड़ में लाइजनर्स नियमित रूप से आधिकारिक फाइलों तक पहुंच रहे थे, जिससे प्रक्रियाओं और फैसलों को प्रभावित किया जा रहा था।
अभी मेरे संज्ञान में ऐसी जानकारी नहीं हैं। जो भी मामला होगा, उचित कार्रवाई होगी। - मालती राय, मेयर
Updated on:
26 Nov 2025 10:33 am
Published on:
26 Nov 2025 10:33 am
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