
MP news purchasing car from car bazar be alert(photo:FB)
MP News: यदि आप पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं तो शोरूम ऑनर का प्राधिकार पत्र एक बार जरूर चेक कर लें। सरकार ने सेकंड हैंड गाडिय़ों की खरीदी बिक्री का दायरा तय करने प्राधिकार पत्र लेकर ही धंधा करने का नियम अनिवार्य कर दिया है। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने आदेश जारी कर कार बाजार में बगैर प्राधिकार पत्र गाड़ियों की खरीदी बिक्री अवैध घोषित कर दी है।
कार बाजार संचालक को आरटीओ में 25 हजार रुपए का शुल्क जमा कर सभी वैधानिक दस्तावेज दिखाने होंगे। सत्यापन के बाद उसे गाड़ी खरीदने और बेचने का अधिकार दिया जाएगा। पुरानी गाड़ी बेचने लेकर आते हैं तो, संचालक इन वाहनों को बगैर लिखा-पढ़ी अपने कब्जे में नहीं ले सकता। गाड़ी मालिक से प्राधिकार पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद पुरानी गाड़ी की पूरी जिम्मेदारी संचालक की होगी।
इस पूरी प्रक्रिया का उल्लंघन होने पर लाइसेंस निलंबित कर आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश हैं। उल्लेखनीय की भोपाल शहर में 150 से ज्यादा स्थानों पर सेकंड हैंड गाड़ियों की खरीदी बिक्री का धंधा तेजी से चल रहा है। कौन सी गाड़ी किसके द्वारा कहां से लाकर बेची जा रही है इसकी जांच किए बगैर कार बाजार संचालक शोरूम में इन गाडिय़ों को सजा लेते हैं। टेस्ट ड्राइव के नाम पर सड़कों पर दौड़ाने के दौरान दुर्घटना होने की स्थिति में जिम्मेदार का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
बिक्री के लिए गाड़ी आते ही वाहन मालिक का रजिस्ट्रेशन कार्ड इंश्योरेंस प्रदूषण कार्ड चेक करना होगा।
- प्राधिकार पत्र तैयार कर इस पर शपथ पत्र पूर्वक गाड़ी मालिक से अधिकार अपने नाम पर हस्तांतरित करवाने होंगे।
- टेस्ट ड्राइव या बिक्री के दौरान किसी भी गतिविधि के लिए कार बाजार संचालक को जिम्मेदार माना जाएगा।
- ऑथराइज्ड डीलर ही कार बाजार संचालित कर सकेंगे।
- परिसर में खड़े सभी वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीयन प्रमाण पत्र, प्रदूषण पत्र मौके पर उपलब्ध होना जरूरी होगा।
- इसके बगैर कोई भी सेकंड हैंड गाड़ी किसी भी कार बाजार में खड़ी नहीं होगी ना ही डेमोंस्ट्रेशन के लिए सड़क पर लाई जा सकेगी।
Updated on:
24 Dec 2025 10:39 am
Published on:
24 Dec 2025 10:35 am
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