
Twisha Sharma Case
Twisha Sharma - भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को न्यायिक सेवा में दिए गए निर्णय डरा रहे हैं। जिला और सत्र न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर रहते हुए उन्होंने कई आरोपियों को सख्त सजा सुनाई थी। इनमें एक दर्जन हत्या आरोपी भी थे जिन्हें गिरिबाला सिंह ने उम्रकैद दी थी। ऐसे अनेक लोग अभी जेल में हैं। इनसे खतरा बताते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने भोपाल कोर्ट में अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। जस्टिस शोभना भालवे की कोर्ट में दो घंटे की बहस के दौरान उन्होंने इस आधार पर जेल में अलग सेल की मांग की।
कोर्ट में गिरिबाला सिंह ने कहा, केस को मीडिया ट्रायल बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबलपुर कोर्ट परिसर में ट्विशा पक्ष के वकील ने बेटे समर्थ से मारपीट की थी। इसका वकील ने जवाब भी दिया। कोर्ट में समर्थ सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को नकारा। उसने कहा कि हमने किसी सबूत से छेड़छाड़ नहीं की है। ट्विशा से संबंध सामान्य थे।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी। उन्होंने बताया कि वे भोपाल में ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश और इससे पहले अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं हैं। इसके दौरान कई गंभीर केसों में दुर्दांत आरोपियों को सख्त सजा सुनाई। पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने ऐसे लोगों से खतरे की आशंका जताते हुए कहा कि मेरे द्वारा जिन्हें सजा सुनाई गई थी, उनमे से कई लोग जेल में होंगे। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने अपने साथ बेटे को अलग सेल में रखने की मांग की।
हालांकि जेल में गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में रखाा गया है। उन्हें कैदी नंबर-71 दिया है। समर्थ सिंह को अब-खंड स्थित अस्पताल बैरक में रखा है। उसको कैदी नं-1782 दिया गया है।
जेल की व्यवस्थाओं से भी गिरिबाला नाराज
सीबीआई की टीम पुलिसकर्मियों के साथ दोपहर 3.35 बजे गिरिबाला सिंह व समर्थ को लेकर भोपाल सेंट्रल जेल पहुंची। पहले गिरिबाला को और फिर 10 मिनट बाद समर्थ को अंदर भेजा। जेल में घुसते ही कुछ व्यवस्थाओं पर गिरिबाला सिंह ने नाराजगी जताई।
बता दें कि गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला जज के रूप में करीब 19 माह तक रहीं थीं इससे पहले वे यहां अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में भी पदस्थ रहीं। अपने दोनों कार्यकाल में गिरिबाला सिंह ने अनेक आपराधिक मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कई आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई थी। जिला जज के रूप में गिरिबाला सिंह ने 12 हत्या के आरोपियों को भी दोषी पाया था। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह पहुंची जेल
महिला बैरक में रखा
कैदी नंबर-71 दिया
समर्थ को रखा अस्पताल बैरक में
कैदी नं-1782 दिया
जज ने 16 जून तक जेल भेजा
आरोपियों की बढ़ी बेचैनी
पति ने कहा ट्विशा से संबंध सामान्य थे
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में सुरक्षा का मुद्दा उठाया
मीडिया ट्रायल पर भी उठाई आपत्ति
Updated on:
03 Jun 2026 09:38 am
Published on:
03 Jun 2026 09:38 am
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