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पुलिस के डर से भोपाल छोड़कर भागा भाजपा का मंत्री, कई गेस्ट हाउस पर छापेमारी

हत्या मामले में आरोपी भाजपा के मंत्री लाल सिंह आर्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भिंड पुलिस ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 15, 2017

bjp


भोपाल। हत्या मामले में आरोपी भाजपा के मंत्री लाल सिंह आर्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भिंड पुलिस शुक्रवार को भी तीसरे दिन भोपाल में जमी रही, लेकिन वे शहर में नहीं मिले। अब पुलिस उनकी तलाश में भोपाल के आसपास वीआईपी गेस्ट हाउसों में छापेमारी कर रही है।

इससे पहले भिंड पुलिस मंगलवार सुबह भोपाल स्थित उनके बंगले पर गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंच गई थी। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात गार्ड को वारंट तामील करा दिया था। बंगले की तलाशी भी ली गई। लेकिन वे नहीं मिलने पर उनका फरारी पंचनामा बना दिया गया।

जगह-जगह तलाशी
भिंड पुलिस ने शुक्रवार को भी मंत्री के चार इमली स्थित बी-20 की तलाशी ली। इस बीच मंत्री अपने बंगले में नहीं मिले। उनके बंगले के कार्यालय में कुर्सी खाली थी, वहीं मंत्रालय में भी कुर्सी खाली थी। पुलिस उनकी तलाश में जगह-जगह छापेमारे कर रही है।



रेस्ट हाउसों में छापेमारी
पुलिस के भय से भागते फिर रहे मंत्री जगह-जगह अपना ठिकाना बदल रहे हैं। तीसरे दिन भी गोहद पुलिस के सब इंस्पेक्टर अंबर सिंह सिकरवार और उनकी टीम ने लालघाटी के वीवीआईपी रेस्ट हाउस, कोलार में पीएचई के रेस्ट हाउस, बाणगंगा क्षेत्र के रेस्ट हाउस, बिलखरिया में वन विभाग के रेस्ट हाउस और कलियासोत बांध रेस्ट हाउस पर तलाश किया है, लेकिन वे नहीं मिले।


कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे मंत्री
मंत्रालय में मंगलवार को सुबह हुई कैबिनेट की अहम बैठक में भी वे नहीं पहुंचे थे। मंत्रालय का उनका चेंबर भी खाली था। इससे पहले वे मंत्रालय में लगातार आ रहे थे।


5 दिसंबर को जारी हुआ था वारंट
कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में आरोपी सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी का जिम्मा गोहद के एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना को दिया गया है। हत्याकांड की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज योगेश कुमार गुप्ता ने 5 दिसंबर को मंत्री आर्य का गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी वारंट तामील कराने के लिए पुलिस अधीक्षक या एसडीओपी रैंक के अधिकारी से कराने के आदेश दिए गए थे।

कांग्रेस विधायक की हत्या का है आरोपी
गौरतलब है कि 13 अप्रैल 2009 की रात आठ बजे गोहद के छरेंटा गांव में कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव को गोली मार दी गई थी। इस हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट ने 24 अगस्त 2017 को सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य को भी आरोपी बनाया था। इसके साथ ही कोर्ट में पेश होने के लिए 25 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन मंत्री कोर्ट में अब पेश नहीं हुए। इसके बाद भी पांच बार वारंट जारी हो चुके हैं। कोर्ट में सुनवाई 19 दिसंबर को होगी।

इधर वारंट उधर दफ्तर में बैठे रहे मंत्री
माखन जाटव हत्याकांड में गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी के लिए जब गोहद में उनके सरकारी आवास पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वे राजधानी स्थित मंत्रालय में अपने कक्ष में बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते रहे। इस दौरान वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पांचवीं मंजिल स्थित सीएम चेंबर भी गए।

आनंद मंत्रालय के पहले मंत्री हैं लाल सिंह
मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन के साथ ही मंत्री लाल सिंह आर्य उस समय चर्चा में आए थे जब नव गठित आनंद मंत्रालय का भी जिम्मा उन्हें दिया गया था। मध्य प्रदेश देश का इकलौता राज्य है हां आनंद मंत्रालय बनाया गया है। छठा गिरफ्तारी वारंट निकलने के बाद से मंत्रीजी भागे-भागे फिर रहे हैं। अदालत ने पुलिस को कहा है कि मंत्री लाल सिंह आर्य को 19 दिसंबर तक किसी भी हालत में पेश किया जाए।